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1200 कैलोरी का भारतीय डाइट चार्ट: पूरे दिन का प्लान, और यह किसके लिए सही नहीं है

SuperLiving Expert Team·

1200 कैलोरी का भारतीय डाइट चार्ट

छोटा जवाब

1200 कैलोरी कोई जादुई डाइट नहीं है, यह एक सीमा है. ज़्यादातर बालिग महिलाओं के लिए इसे सबसे नीचे का सुरक्षित स्तर माना जाता है, और ज़्यादातर पुरुषों के लिए यह बहुत कम पड़ता है.

अगर आप इस स्तर पर काम करने जा रहे हैं तो सिर्फ एक बात सबसे ज़्यादा मायने रखती है: उन 1200 कैलोरी में प्रोटीन कम से कम 60 से 70 ग्राम होना चाहिए. यही तय करता है कि जो वजन घटेगा वह चर्बी का होगा या मांसपेशी का.

नीचे पूरे दिन का चार्ट है, शाकाहारी और नॉन वेज दोनों तरह का, दक्षिण भारतीय बदलाव के साथ. और उसके ठीक बाद वह हिस्सा है जो ज़्यादातर जगह छूट जाता है, यानी यह चार्ट किसके लिए ठीक नहीं है.

1200 का यह नंबर आया कहां से

यह नंबर किसी खास डाइट का आविष्कार नहीं है. यह एक सुरक्षा रेखा है.

बात ऐसे समझिए. आपका शरीर दिन भर में सिर्फ ज़िंदा रहने में ही, यानी सांस, दिल की धड़कन, दिमाग का काम और शरीर का तापमान बनाए रखने में, अपनी कुल ऊर्जा का साठ से सत्तर प्रतिशत खर्च कर देता है. एक सामान्य कद काठी की बालिग महिला के लिए यह अकेला हिस्सा ही करीब 1200 से 1400 कैलोरी बैठ जाता है. इससे नीचे जाकर लंबे समय तक चलने पर शरीर को ज़रूरी विटामिन, आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन देना व्यावहारिक रूप से मुश्किल हो जाता है.

इसलिए 1200 को लक्ष्य मत मानिए, फर्श मानिए. आपका अपना सही आंकड़ा 1400 भी हो सकता है और 1600 भी. वह कैसे निकाला जाता है, यह कैलोरी डेफिसिट क्या होता है में विस्तार से समझाया गया है, और उम्र, कद और काम के हिसाब से दिन भर का आंकड़ा कितना होना चाहिए यह दिन में कितनी कैलोरी चाहिए में दिया गया है.

एक बात और. तेज़ी सबसे महंगी चीज़ है. हफ्ते में दो किलो घटाने की कोशिश से थकान, बाल झड़ना और चिड़चिड़ापन आता है, और वह वजन लौटकर भी आता है.

पूरे दिन का 1200 कैलोरी शाकाहारी चार्ट

नीचे दिए नंबर मोटे अनुमान हैं. भारतीय खाना पैकेट से नहीं आता, इसलिए बनाने के तरीके से हर चीज़ थोड़ा ऊपर नीचे होती है.

सुबह उठते ही, करीब 35 कैलोरी. एक गिलास गुनगुना पानी और पांच भीगे हुए बादाम. चाय पहले लेने की आदत है तो बिना चीनी की चाय ले लीजिए, वह करीब 30 की पड़ेगी.

नाश्ता, करीब 280 कैलोरी. दो मूंग दाल के चीले, बहुत कम तेल में सिके हुए, और साथ में आधी कटोरी दही. इसमें करीब 16 ग्राम प्रोटीन है. विकल्प के तौर पर एक कटोरी सब्ज़ी वाला दलिया और आधी कटोरी दही भी चल जाएगा.

दिन में करीब ग्यारह बजे, करीब 80 कैलोरी. एक अमरूद, एक सेब या एक संतरा. फल का जूस मत लीजिए, पूरा फल लीजिए, क्योंकि छिलके और रेशे के साथ ही पेट भरता है.

दोपहर का खाना, करीब 400 कैलोरी. दो रोटी, एक कटोरी दाल, एक कटोरी कम तेल वाली सब्ज़ी और एक प्लेट सलाद. चाहें तो एक रोटी की जगह आधी कटोरी पका चावल ले लीजिए. इसमें करीब 16 ग्राम प्रोटीन आता है.

शाम, करीब 150 कैलोरी. एक छोटी कटोरी भुना चना और बिना चीनी की चाय. यही वह समय है जब ज़्यादातर लोगों का चार्ट टूटता है, इसलिए इस खाने को छोड़िए मत, इसे पहले से तय रखिए.

रात का खाना, करीब 300 कैलोरी. एक कटोरी पनीर या सोया की सब्ज़ी, एक रोटी और एक कटोरी साफ सब्ज़ी का सूप या सलाद. इसमें करीब 18 ग्राम प्रोटीन है.

पूरे दिन का जोड़ करीब 1245 कैलोरी और करीब 62 ग्राम प्रोटीन बैठता है. ध्यान दीजिए कि इस पूरे चार्ट में खाना बनाने का तेल सिर्फ दो छोटे चम्मच माना गया है. अगर तीन चम्मच चले गए तो अकेले उसी से 45 कैलोरी और जुड़ जाएंगी.

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नॉन वेज और दक्षिण भारतीय बदलाव

यही चार्ट थोड़े बदलाव के साथ लगभग हर घर में बैठ जाता है, और प्रोटीन ऊपर भी चला जाता है.

नॉन वेज खाने वालों के लिए नाश्ते में दो चीले की जगह दो उबले अंडे और एक अंडे का सफेद हिस्सा लीजिए, यह करीब 190 कैलोरी और 18 ग्राम प्रोटीन देता है. रात के खाने में पनीर की जगह करीब 100 ग्राम पका हुआ चिकन लीजिए, इससे कैलोरी थोड़ी घटती है और प्रोटीन करीब 25 ग्राम तक चला जाता है. मछली भी अच्छा विकल्प है, बस तली हुई नहीं.

दक्षिण भारतीय घरों के लिए नाश्ते में दो इडली और एक कटोरी सांभर करीब 230 कैलोरी में बैठते हैं, और सांभर की दाल प्रोटीन भी जोड़ती है. उपमा लेना हो तो एक कटोरी काफी है और उसमें सब्ज़ी बढ़ा दीजिए. डोसा रोज़ के लिए ठीक नहीं है क्योंकि तवे पर जाने वाला तेल अकेले ही 100 से ऊपर जोड़ देता है, उसे हफ्ते में एक बार रखिए.

जिन घरों में चावल केंद्र में रहता है, वहां दिन में एक कटोरी पका चावल तय कर लीजिए और साथ में दाल, दही और सब्ज़ी की मात्रा बराबर रखिए. तैयार ढांचा चाहिए जिसमें समय और हिस्से पहले से तय हों, तो वजन घटाने का डाइट चार्ट से शुरुआत कीजिए.

यह सब खुद करने की ज़रूरत नहीं है

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यह चार्ट किसके लिए सही नहीं है

यह हिस्सा चार्ट से भी ज़्यादा ज़रूरी है, इसलिए इसे ध्यान से पढ़िए.

ज़्यादातर पुरुषों के लिए. पुरुषों के शरीर की बुनियादी ज़रूरत ज़्यादा होती है और उनके लिए यही सुरक्षा रेखा करीब 1500 मानी जाती है. 1200 पर पुरुषों में थकान और मांसपेशी का नुकसान बहुत जल्दी दिखता है.

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान. इन दोनों स्थितियों में कैलोरी की ज़रूरत बढ़ती है, घटती नहीं. इस समय वजन घटाने का कोई भी प्लान अपने डॉक्टर से पूछकर ही शुरू कीजिए.

किशोर उम्र में. बढ़ती उम्र में शरीर को बनने के लिए ऊर्जा चाहिए, और यहां कैलोरी काटना लंबे नुकसान की वजह बनता है.

शारीरिक मेहनत वाले काम में. अगर आपका दिन खेत, मज़दूरी, डिलीवरी या लगातार खड़े रहने वाले काम में जाता है, तो 1200 आपके लिए बहुत कम है, चाहे आप जो भी हों.

किसी चल रही स्थिति या दवा के साथ. शुगर, थायराइड, गुर्दे, दिल या पीसीओडी से जुड़ी स्थिति में कैलोरी घटाने का असर दवा की मात्रा पर भी पड़ सकता है. यह तय करना आपके डॉक्टर का काम है, चार्ट का नहीं.

खाने से जुड़ी उलझन का इतिहास हो तो. अगर पहले कभी खाने को लेकर चिंता, अपराधबोध या जुनून जैसी स्थिति रही है, तो गिनती वाला कोई भी तरीका शुरू करने से पहले किसी योग्य पेशेवर से बात कीजिए.

1200 पर सबसे बड़ी गलतियां

प्रोटीन का छूट जाना. सबसे आम और सबसे भारी गलती. 1200 कैलोरी दो पराठे और एक कटोरी चावल से भी पूरी हो सकती हैं, लेकिन उसमें प्रोटीन 20 ग्राम भी नहीं होगा. तराजू नीचे जाएगा, चेहरा उतर जाएगा और ताकत चली जाएगी.

तेल का हिसाब न रखना. जब कुल बजट 1200 का हो, तो एक बड़ा चम्मच तेल करीब 125 कैलोरी का होता है, यानी पूरे दिन का दसवां हिस्सा. सब्ज़ी में तेल बोतल से सीधा डालने की जगह चम्मच से डालिए.

खाने के बीच बहुत लंबा गैप. सुबह नाश्ता छोड़कर सीधा दोपहर में खाने से शाम की भूख बेकाबू हो जाती है, और फिर एक ही बार में तीन सौ चार सौ कैलोरी अतिरिक्त चली जाती हैं.

रोज़ तराजू पर चढ़ना. वजन एक ही दिन में एक किलो तक ऊपर नीचे होता है, सिर्फ पानी और नमक से. हफ्ते में एक बार तौलिए.

हमेशा 1200 पर बने रहना. यह स्थायी जीवनशैली नहीं है. आठ से बारह हफ्ते बाद कुछ समय मेंटेनेंस स्तर पर लौटना ज़रूरी है.

हफ्ते में कितना घटेगा, ईमानदार जवाब

पहले हफ्ते में तराजू अक्सर डेढ़ से दो किलो नीचे दिखाता है. उसमें बड़ा हिस्सा शरीर में जमा पानी का होता है, चर्बी का नहीं. यही वजह है कि दूसरे और तीसरे हफ्ते में रफ्तार अचानक धीमी लग जाती है, और लोग सोचते हैं कुछ गलत हो गया.

असल में एक टिकाऊ रफ्तार हफ्ते में करीब आधा किलो है, महीने में दो से तीन किलो. सुनने में यह धीमा लगता है, लेकिन छह महीने में यही बारह से पंद्रह किलो बनता है, और सबसे बड़ी बात यह कि इस तरह घटा वजन वापस आने की संभावना कम होती है.

कुछ हफ्ते ऐसे भी आएंगे जब सब ठीक चलने के बाद भी कुछ नहीं बदलेगा. यह सामान्य है. नींद, तनाव, नमक और पीरियड चक्र मिलकर असली बदलाव को कुछ दिनों के लिए छिपा देते हैं.

कब डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है

कुछ संकेत ऐसे हैं जिन पर रुकना चाहिए, न कि और सख्ती करनी चाहिए. लगातार थकान और कमज़ोरी, खड़े होने पर चक्कर, बहुत ठंड लगना, बाल तेज़ी से झड़ना, नींद टूटना, महिलाओं में पीरियड्स का अनियमित होना या रुक जाना, और खाने के बारे में लगातार सोचते रहना.

इसी तरह अगर सब कुछ ईमानदारी से करने के बाद भी कई हफ्तों तक कुछ नहीं बदल रहा और साथ में थकान, सूजन या ठंड लगने जैसी बातें हैं, तो वजह थाली के बाहर हो सकती है और जांच करा लेना समझदारी है.

मिलाकर बात यह है

1200 कैलोरी का चार्ट किसी के लिए बहुत काम का है और किसी के लिए बिल्कुल गलत. फर्क इस बात से पड़ता है कि आप कौन हैं, आपका दिन कैसा गुज़रता है, और उन 1200 कैलोरी के अंदर प्रोटीन कितना है.

अगर आप इसे शुरू कर रहे हैं तो तीन चीज़ें पक्की कर लीजिए. प्रोटीन 60 ग्राम से नीचे मत जाने दीजिए. तेल दो छोटे चम्मच पर रोक दीजिए. और आठ से बारह हफ्ते बाद कुछ समय के लिए ऊपर लौट आइए.

और सबसे ज़रूरी बात, वही प्लान काम करता है जिसे आप महीनों निभा सकें. जो चार्ट आपको भूखा, थका और चिड़चिड़ा कर दे, वह आपके लिए गलत चार्ट है, चाहे उसके नंबर कितने भी साफ क्यों न हों.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या 1200 कैलोरी सबके लिए सुरक्षित है? नहीं. इसे आमतौर पर बालिग महिलाओं के लिए सबसे नीचे की सुरक्षित सीमा माना जाता है, यानी वह लकीर जिससे नीचे बिना योग्य डॉक्टर या डाइटिशियन की निगरानी के नहीं जाना चाहिए. ज़्यादातर पुरुषों के लिए यह बहुत कम पड़ता है और उनके लिए वही लकीर करीब 1500 मानी जाती है. गर्भावस्था, स्तनपान, किशोर उम्र, शारीरिक मेहनत वाले काम, या शुगर, थायराइड, गुर्दे और दिल से जुड़ी किसी स्थिति में यह चार्ट खुद से शुरू नहीं करना चाहिए.

1200 कैलोरी में कितना प्रोटीन होना चाहिए? कम से कम 60 से 70 ग्राम, और यही इस चार्ट की सबसे ज़रूरी शर्त है. कुल कैलोरी इतनी कम होने पर शरीर के पास ऊर्जा के लिए अपनी मांसपेशी तोड़ने का रास्ता खुल जाता है, और पर्याप्त प्रोटीन वही दरवाज़ा बंद करता है. इसका मतलब है हर खाने में कोई न कोई प्रोटीन वाली चीज़, जैसे दाल, दही, पनीर, चना, सोया, अंडा या चिकन.

क्या 1200 कैलोरी पर रोटी और चावल खा सकते हैं? खा सकते हैं, बस मात्रा तय होनी चाहिए. इस चार्ट में दिन भर में तीन रोटी की जगह रखी गई है, और एक रोटी की जगह आधी कटोरी पका चावल लिया जा सकता है. अनाज पूरी तरह छोड़ने से दिन में कमज़ोरी लगती है और ऐसी डाइट दो हफ्ते से ज़्यादा निभती नहीं. असली फर्क अनाज छोड़ने से नहीं, तेल और मीठे पेय संभालने से पड़ता है.

1200 कैलोरी पर कितनी तेज़ी से वजन घटता है? ज़्यादातर लोगों के लिए हफ्ते में करीब आधा किलो, यानी महीने में दो से तीन किलो. पहले हफ्ते की बड़ी गिरावट ज़्यादातर शरीर का जमा पानी होती है, चर्बी नहीं, इसलिए दूसरे हफ्ते में रफ्तार धीमी लगती है. हफ्ते में एक ही दिन, एक ही समय पर तौलिए और तीन हफ्ते का औसत देखिए.

1200 कैलोरी कितने समय तक चलाना चाहिए? इसे महीनों तक बिना रुके चलाने की चीज़ मत मानिए. आठ से बारह हफ्ते इस स्तर पर रहिए, फिर एक या दो हफ्ते कैलोरी बढ़ाकर अपने मेंटेनेंस स्तर पर लौटिए, और ज़रूरत हो तो दोबारा नीचे आइए. बीच में लगातार थकान, चक्कर, बाल झड़ना या पीरियड्स का अनियमित होना दिखे तो कैलोरी बढ़ाइए और डॉक्टर से मिलिए.

1200 कैलोरी पर भूख लगे तो क्या करें? पहले देखिए कि भूख असली है या आदत की. सच में भूख हो तो प्रोटीन और फाइबर बढ़ाइए, कैलोरी नहीं. एक कटोरी सलाद, आधी कटोरी दही, थोड़ा भुना चना या एक कटोरी साफ सब्ज़ी का सूप बहुत कम कैलोरी में पेट भर देते हैं. और अगर हर शाम तेज़ भूख और कमज़ोरी लग रही है, तो यह इशारा है कि 1200 आपके शरीर के लिए बहुत कम है.

SuperLiving जीवनशैली और वेलनेस सहायता देता है और यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है. इस लेख में दिए कैलोरी के आंकड़े मोटे अनुमान हैं और बनाने के तरीके व मात्रा के हिसाब से बदलते हैं. लगातार थकान, चक्कर, बिना कोशिश वजन घटना या बढ़ना, या पीरियड्स की लगातार अनियमितता जैसी स्थिति में कृपया योग्य डॉक्टर से सलाह लें. थायराइड, डायबिटीज़, पीसीओडी, गुर्दे या दिल से जुड़ी किसी स्थिति में, गर्भावस्था में, या स्तनपान के दौरान कैलोरी घटाने या कोई भी डाइट चार्ट शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह ज़रूर लें.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या 1200 कैलोरी सबके लिए सुरक्षित है?+

नहीं. 1200 कैलोरी को आमतौर पर बालिग महिलाओं के लिए सबसे नीचे की सुरक्षित सीमा माना जाता है, यानी वह लकीर जिससे नीचे बिना किसी योग्य डॉक्टर या डाइटिशियन की निगरानी के नहीं जाना चाहिए. यह कोई लक्ष्य नहीं है, फर्श है. ज़्यादातर पुरुषों के लिए यह स्तर बहुत कम पड़ता है और उनके लिए यही लकीर करीब 1500 मानी जाती है. गर्भावस्था, स्तनपान, किशोर उम्र, शारीरिक मेहनत वाला काम, या शुगर, थायराइड, गुर्दे और दिल से जुड़ी किसी स्थिति में यह चार्ट खुद से शुरू नहीं करना चाहिए.

1200 कैलोरी में कितना प्रोटीन होना चाहिए?+

कम से कम 60 से 70 ग्राम, और यही इस पूरे चार्ट की सबसे ज़रूरी शर्त है. जब कुल कैलोरी इतनी कम हो जाती है, तो शरीर के पास ऊर्जा के लिए अपनी मांसपेशी तोड़ने का रास्ता खुल जाता है. पर्याप्त प्रोटीन वही दरवाज़ा बंद करता है. व्यावहारिक रूप से इसका मतलब है हर एक खाने में कोई न कोई प्रोटीन वाली चीज़, जैसे दाल, दही, पनीर, चना, सोया, अंडा या चिकन. अगर 1200 कैलोरी सिर्फ रोटी, चावल, आलू और चाय से भर दी जाएं, तो वजन तो घटेगा पर उसका बड़ा हिस्सा मांसपेशी का होगा, और वही वजन बाद में सबसे तेज़ी से लौटता है.

क्या 1200 कैलोरी पर रोटी और चावल खा सकते हैं?+

बिल्कुल खा सकते हैं, बस मात्रा तय होनी चाहिए. इस चार्ट में दिन भर में तीन रोटी की जगह रखी गई है, और चाहें तो एक रोटी की जगह आधी कटोरी पका चावल लिया जा सकता है, दोनों की कैलोरी लगभग बराबर बैठती है. अनाज पूरी तरह छोड़ देने से दो नुकसान होते हैं. पहला, दिन में कमज़ोरी और चक्कर जैसा लगने लगता है. दूसरा, ऐसी डाइट दो हफ्ते से ज़्यादा निभती नहीं और फिर एक ही दिन में सब टूट जाता है. असली फर्क अनाज छोड़ने से नहीं, तेल और मीठे पेय संभालने से पड़ता है.

1200 कैलोरी पर कितनी तेज़ी से वजन घटता है?+

ज़्यादातर लोगों के लिए हफ्ते में करीब आधा किलो से थोड़ा ज़्यादा, यानी महीने में दो से तीन किलो. पहले हफ्ते में तराजू अक्सर दो किलो तक नीचे दिखाता है, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा शरीर का जमा पानी होता है, चर्बी नहीं. इसीलिए दूसरे और तीसरे हफ्ते में रफ्तार धीमी लगती है और कई लोग यहीं हिम्मत हार जाते हैं. सही तरीका यह है कि हफ्ते में एक ही दिन, एक ही समय पर वजन देखिए और तीन हफ्ते का औसत देखिए, एक दिन का नंबर नहीं. कोई भी चार्ट किसी तय नतीजे की गारंटी नहीं देता, क्योंकि उम्र, नींद, दवाइयां और रोज़ की हलचल सबका असर पड़ता है.

1200 कैलोरी कितने समय तक चलाना चाहिए?+

इसे लगातार महीनों तक चलाने की चीज़ मत मानिए. एक व्यावहारिक तरीका यह है कि आठ से बारह हफ्ते इस स्तर पर रहें, फिर एक या दो हफ्ते के लिए कैलोरी बढ़ाकर अपने मेंटेनेंस स्तर पर लौट आएं, और उसके बाद ज़रूरत हो तो दोबारा नीचे आएं. इससे वजन वापस नहीं आता, बस शरीर और मन दोनों को राहत मिलती है और भूख का दबाव कम हो जाता है. अगर बीच में लगातार थकान, चक्कर, बाल झड़ना, बहुत ठंड लगना या पीरियड्स का अनियमित होना दिखे, तो इंतज़ार मत कीजिए, कैलोरी बढ़ाइए और डॉक्टर से मिलिए.

1200 कैलोरी पर भूख लगे तो क्या करें?+

पहले यह देखिए कि भूख असली है या आदत की. अगर सच में भूख है, तो सबसे पहले प्रोटीन और फाइबर बढ़ाइए, कैलोरी नहीं. एक कटोरी सलाद, आधी कटोरी दही, थोड़ा भुना चना या एक कटोरी साफ सब्ज़ी का सूप बहुत कम कैलोरी में पेट भर देते हैं. दिन में पानी कम पीना भी अक्सर भूख जैसा महसूस होता है. और अगर हर दिन शाम को तेज़ भूख और कमज़ोरी लग रही है, तो यह इशारा है कि 1200 आपके शरीर के लिए बहुत कम है और आपको ऊपर के स्तर पर, जैसे 1400 या 1500 पर, काम करना चाहिए. धीमा और निभने वाला रास्ता हमेशा बेहतर है.

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