रोज़ कितने कदम चलना चाहिए: वजन घटाने और अच्छी सेहत के लिए सही गिनती
सीधा जवाब पहले
ज़्यादातर वयस्कों के लिए रोज़ 7,000 से 10,000 कदम एक अच्छा और असली लक्ष्य है. लेकिन सबसे ज़रूरी बात यह है कि आप अभी कितना चलते हैं. अगर आपका दिन ऑफिस की कुर्सी, गाड़ी और सोफे के बीच बीतता है, तो शायद आप रोज़ सिर्फ 2,000 से 4,000 कदम ही चलते हैं. ऐसे में सीधे 10,000 का लक्ष्य रखना अक्सर दो तीन दिन चलता है और फिर छूट जाता है.
बेहतर तरीका है अपनी मौजूदा गिनती में हर हफ्ते 1,000 से 2,000 कदम जोड़ना. इस तरह आठ से दस हफ्तों में आप आराम से 7,000 से 8,000 कदम तक पहुंच सकते हैं, और यह आदत टिकती भी है. इस लेख में हम समझेंगे कि 10,000 का नंबर आया कहां से, उम्र और लक्ष्य के हिसाब से कितना चलें, चलने से कितनी कैलोरी खर्च होती है, और रोज़ के व्यस्त दिन में कदम कैसे बढ़ाएं.
10,000 कदम का नंबर आया कहां से
बहुत से लोग मानते हैं कि 10,000 कदम कोई डॉक्टरी नियम है. असल में यह नंबर कई दशक पहले एक कदम गिनने वाली मशीन के प्रचार से मशहूर हुआ था. नाम आसान था, गिनती गोल थी, और लोगों को याद रह गई. बाद में यही नंबर फिटनेस बैंड और मोबाइल ऐप्स में डिफॉल्ट लक्ष्य बन गया.
इसका मतलब यह नहीं कि 10,000 कदम गलत हैं. इसका मतलब बस इतना है कि यह कोई ऐसी रेखा नहीं जिसके नीचे फायदा ज़ीरो हो जाता है. हाल के बड़े अध्ययनों में लाखों लोगों के कदमों और सेहत को सालों तक देखा गया. उनमें एक साफ पैटर्न दिखा:
- रोज़ 2,000 से 3,000 कदम चलने वालों की तुलना में 4,000 से 5,000 कदम चलने वालों में सेहत के जोखिम साफ तौर पर कम दिखे.
- 7,000 से 8,000 कदम तक फायदे तेज़ी से बढ़ते रहे.
- उसके बाद भी फायदे बढ़े, लेकिन धीमी रफ्तार से.
यानी सबसे बड़ा फर्क तब आता है जब कोई बहुत कम चलने वाला व्यक्ति थोड़ा ज़्यादा चलना शुरू करता है. अगर आप अभी कम चलते हैं, तो हर अतिरिक्त 1,000 कदम आपके लिए कीमती है.
उम्र और लक्ष्य के हिसाब से कितने कदम
हर इंसान का शरीर, काम और सेहत अलग होती है, इसलिए एक ही नंबर सब पर लागू नहीं होता. फिर भी मोटे तौर पर यह गाइड काम आती है:
60 साल से कम उम्र के वयस्क: रोज़ 7,000 से 10,000 कदम अच्छा लक्ष्य है. अगर आप वजन घटाना चाहते हैं, तो 8,000 से 10,000 के बीच रहना मददगार होता है.
60 साल से ऊपर: 6,000 से 8,000 कदम के आसपास ही अच्छे फायदे दिखते हैं. इस उम्र में गिनती से ज़्यादा ज़रूरी है संतुलन, सही जूते और समतल रास्ता.
वजन घटाने वाले लोग: यहां कदम मदद करते हैं, लेकिन असली फर्क खाने से पड़ता है. अगर आप समझना चाहते हैं कि शरीर में वजन असल में कम कैसे होता है, तो हमारा लेख कैलोरी डेफिसिट क्या होता है ज़रूर पढ़ें.
शुगर या बीपी की चिंता वाले लोग: रोज़ नियमित चलना, खासकर खाने के बाद 10 से 15 मिनट टहलना, बहुत उपयोगी आदत है. लेकिन अपना लक्ष्य और रफ्तार डॉक्टर से तय करवाएं.
घुटने या कमर के दर्द वाले लोग: एक बार में लंबी सैर की जगह दिन में तीन चार छोटी सैर करें. दर्द बढ़े तो गिनती घटाएं, बंद न करें.
कदम और कैलोरी का असली हिसाब
कई लोग सोचते हैं कि रोज़ 10,000 कदम चलेंगे तो वजन अपने आप तेज़ी से घटेगा. चलिए हिसाब देखते हैं.
आमतौर पर 1,000 कदम में लगभग 30 से 50 कैलोरी खर्च होती हैं. यह आपके वजन और रफ्तार पर निर्भर करता है. 70 किलो का व्यक्ति आराम से चलते हुए शायद 35 के आसपास खर्च करेगा, जबकि 90 किलो का व्यक्ति तेज़ चलते हुए 50 के करीब. इस हिसाब से:
- 5,000 कदम में लगभग 150 से 250 कैलोरी
- 10,000 कदम में लगभग 300 से 450 कैलोरी
अब इसे खाने के साथ रखकर देखिए. एक समोसा लगभग 250 कैलोरी का होता है. चीनी वाली दूध की चाय का एक कप 80 से 120 कैलोरी. यानी शाम की चाय और समोसा उतनी कैलोरी दे सकते हैं जितनी 5,000 से 7,000 कदम में खर्च होती है.
इसका मतलब यह नहीं कि चलना बेकार है. इसका मतलब यह है कि चलना और खाना साथ में काम करते हैं. चलना रोज़ का एक स्थिर खर्च बनाता है, और खाने में छोटे बदलाव उस खर्च को असली कमी में बदलते हैं. खाने की तरफ आसान शुरुआत के लिए हमारा वजन घटाने का डाइट चार्ट काम आएगा.
चलने का एक बड़ा फायदा और है. दौड़ने या भारी कसरत के बाद कई लोगों को बहुत भूख लगती है और वे ज़्यादा खा लेते हैं. पैदल चलने से आमतौर पर भूख इतनी नहीं बढ़ती. इसलिए यह लंबे समय तक निभाने लायक आदत है.
कदम गिनना आसान है, रोज़ उठकर चलना मुश्किल. ज़्यादातर लोग पहले हफ्ते जोश में चलते हैं और दूसरे हफ्ते बहाने ढूंढने लगते हैं. SuperLiving पर 20+ कोच आपकी दिनचर्या के हिसाब से रोज़ का छोटा लक्ष्य तय करने, याद दिलाने और खाने के साथ चलने का तालमेल बिठाने में मदद करते हैं, हिंदी और हिंग्लिश में. SuperLiving डाउनलोड करें