अपना डाइट चार्ट खुद कैसे बनाएं: 5 आसान स्टेप में पूरी गाइड
छोटा जवाब
डाइट चार्ट बनाने के लिए किसी महंगी सलाह या इंटरनेट से उठाए हुए तैयार पीडीएफ की ज़रूरत नहीं. पांच चीज़ें तय कीजिए, अपनी रोज़ की कैलोरी ज़रूरत का मोटा अंदाज़ा, प्रोटीन कार्ब्स फैट का बंटवारा, दिन के खाने के स्लॉट, अपनी असली थाली में मिलने वाले खाद्य पदार्थ, और हर हफ्ते नाप कर एडजस्ट करने की आदत. यही पूरा तरीका है, बाकी सब सजावट है.
ज़्यादातर लोग जो चार्ट इंटरनेट से डाउनलोड करते हैं वे किसी और के लिए बनाए गए होते हैं, किसी और की उम्र, वजन, काम और थाली के हिसाब से. वह चार्ट कुछ दिन चलता है और फिर छूट जाता है, क्योंकि वह आपकी ज़िंदगी में फिट नहीं बैठता. नीचे दिए पांच स्टेप का मकसद यह है कि आप अपने लिए, अपनी थाली से, एक ऐसा चार्ट बनाएं जो हफ्तों तक निभाया जा सके.
डाइट चार्ट बनाने से पहले यह समझ लें
सबसे पहली बात, डाइट चार्ट कोई एक बार का दस्तावेज़ नहीं है जिसे बनाकर दीवार पर टांग दिया जाए. यह एक शुरुआती अंदाज़ा है जिसे असली नतीजों के हिसाब से बदलते रहना पड़ता है.
दूसरी बात, सबसे अच्छा चार्ट वह नहीं जो सबसे सख्त हो, बल्कि वह है जिसे आप हफ्ते में पांच छह दिन बिना दिक्कत के निभा सकें. जिस चार्ट में आपकी पसंदीदा चीज़ें बिल्कुल नहीं हैं, वह कागज़ पर परफेक्ट दिख सकता है, लेकिन हकीकत में जल्दी टूट जाता है.
तीसरी बात, चार्ट बनाने से पहले यह साफ कर लीजिए कि लक्ष्य क्या है, वजन घटाना, वजन बढ़ाना, या मौजूदा वजन बनाए रखना. तीनों के लिए तरीका एक जैसा है, सिर्फ कैलोरी का आंकड़ा अलग दिशा में जाता है.
स्टेप 1: अपनी कैलोरी ज़रूरत का अंदाज़ा लगाएं
यह पहला और सबसे ज़रूरी स्टेप है, क्योंकि बाकी सब इसी पर टिका है.
आपकी रोज़ की कैलोरी ज़रूरत तीन चीज़ों पर निर्भर करती है, उम्र, वजन और ऊंचाई से तय होने वाली बुनियादी ज़रूरत, और दिन भर की हलचल का स्तर, यानी क्या आप ज़्यादातर बैठे रहते हैं, या खड़े होकर काम करते हैं, या शारीरिक मेहनत वाला काम करते हैं. कोई भी कैलोरी कैलकुलेटर या फिटनेस ऐप आपको एक मोटा आंकड़ा दे देगा, और शुरुआत के लिए यह काफी है.
वजन घटाने के लिए इस आंकड़े से करीब 300 से 500 कैलोरी कम रखिए, इससे ज़्यादा कम करने की जल्दबाज़ी मत कीजिए, क्योंकि बहुत तेज़ कैलोरी घटाने से थकान, चिड़चिड़ापन और मांसपेशी कम होने का खतरा बढ़ जाता है. वजन बढ़ाने के लिए इतनी ही कैलोरी ज़रूरत से ज़्यादा रखिए. कैलोरी की पूरी गणना का तरीका विस्तार से समझने के लिए वजन घटाने के लिए डाइट चार्ट एक अच्छी अगली पढ़ाई है, वहां आंकड़े निकालने का पूरा तरीका मौजूद है.
एक बात याद रखिए, यह आंकड़ा अंतिम सच नहीं, सिर्फ शुरुआती अनुमान है. असली जवाब दो तीन हफ्ते बाद तराजू पर मिलेगा, स्टेप 5 में इसकी बात होगी.
स्टेप 2: प्रोटीन, कार्ब्स और फैट का बंटवारा तय करें
कैलोरी का आंकड़ा मिलने के बाद अगला सवाल है, यह कैलोरी आएगी कहां से.
प्रोटीन को सबसे पहले तय कीजिए, क्योंकि यही वह हिस्सा है जो ज़्यादातर भारतीय थालियों में कम पड़ता है. एक आम अंदाज़ा है, अपने वजन के हिसाब से हर किलो पर करीब एक से डेढ़ ग्राम प्रोटीन, जिसे दिन के तीन चार भोजन में बांट दिया जाए. शाकाहारी लोगों के लिए दाल, पनीर, दही, सोया और मूंगफली अच्छे स्रोत हैं, प्रोटीन के भारतीय शाकाहारी स्रोतों की पूरी सूची प्रोटीन के शाकाहारी स्रोत में मिल जाएगी.
कार्ब्स आपकी ऊर्जा का मुख्य स्रोत रहेंगे, रोटी, चावल, दलिया, ओट्स और फल इसी में आते हैं. इन्हें पूरी तरह हटाने की ज़रूरत नहीं, बल्कि मात्रा और समय पर ध्यान देना काफी है.
फैट को भी थाली से गायब मत कीजिए. देसी घी, तेल, मेवे और बीज सीमित मात्रा में ज़रूरी हैं, क्योंकि शरीर के कई हार्मोन और विटामिन इन्हीं पर निर्भर करते हैं. फैट को बिल्कुल खत्म करने वाले चार्ट अक्सर लंबे समय में टिक नहीं पाते.
जानकारी काफी नहीं होती, रोज़ निभाना असली काम है. SuperLiving पर 20+ कोच हिंदी और हिंग्लिश में आपकी कैलोरी ज़रूरत, आपकी थाली और आपकी दिनचर्या के हिसाब से चार्ट को छोटे रोज़ के कदमों में बदलते हैं, और हफ्ते दर हफ्ते एडजस्ट करने में साथ रहते हैं. SuperLiving डाउनलोड करें
स्टेप 3: दिन के खाने को स्लॉट में बांटें
अब कैलोरी और बंटवारा तय हो गया, अगली बात यह तय करनी है कि दिन में कब क्या खाएंगे.
ज़्यादातर भारतीय दिनचर्या के लिए चार से पांच स्लॉट काम करते हैं, नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम का हल्का नाश्ता, और रात का खाना. जिन्हें भूख बार बार लगती है उनके लिए दो छोटे बीच के नाश्ते जोड़े जा सकते हैं, जिन्हें सुबह भूख कम लगती है वे नाश्ता और दोपहर के खाने को थोड़ा पास ला सकते हैं.
हर स्लॉट में मोटे तौर पर कितनी कैलोरी जाएगी, इसका एक आसान बंटवारा है, नाश्ते में करीब एक चौथाई, दोपहर के खाने में करीब एक तिहाई, शाम के नाश्ते में एक छोटा हिस्सा, और बाकी रात के खाने में. यह कोई सख्त नियम नहीं, बस एक शुरुआती ढांचा है जिसे अपनी भूख और दिनचर्या के हिसाब से बदला जा सकता है.
समय की बात करें तो रात का खाना सोने से कम से कम दो घंटे पहले खत्म करना ज़्यादातर लोगों के लिए अच्छा रहता है, ताकि पाचन को समय मिल सके और नींद बेहतर बने.