मोटापा और योग, एक पुराना और भरोसेमंद रिश्ता
वजन घटाने की बात आते ही ज़्यादातर लोगों के दिमाग में जिम, दौड़ या भारी कसरत आती है। लेकिन एक तरीका सदियों से हमारे पास है, जो न महंगा है, न किसी मशीन का मोहताज, और घर के एक कोने में ही हो जाता है। वह है योग। योग सिर्फ शरीर मोड़ने का नाम नहीं, यह शरीर, साँस और मन तीनों को एक साथ साधने की कला है, और यही खूबी इसे वजन घटाने में इतना असरदार बनाती है।
बहुत से लोग सोचते हैं कि योग धीमा है और इससे वजन नहीं घटता। सच यह है कि योग वजन को सीधे भी घटाता है और अप्रत्यक्ष तरीके से भी। सीधे इसलिए क्योंकि कई आसन मांसपेशियों को सक्रिय करते हैं और कैलोरी जलाते हैं। अप्रत्यक्ष इसलिए क्योंकि योग तनाव घटाता है, नींद सुधारता है और पाचन ठीक करता है, और यही तीन चीज़ें अक्सर बढ़ते वजन की असली जड़ होती हैं।
इस गाइड में हम आसान भाषा में समझेंगे कि योग वजन घटाने में कैसे मदद करता है, कौन से आसन सबसे काम के हैं, इन्हें कैसे करें, और शुरुआत करने वालों के लिए हफ्ते भर का एक सरल प्लान क्या हो सकता है।
ज़रूरी बात: यह गाइड सामान्य सेहतमंद वयस्कों के लिए है। अगर आपको हाई बीपी, कमर या घुटने की समस्या, हर्निया, हाल की कोई सर्जरी, या गर्भावस्था जैसी कोई स्थिति है, तो कोई भी नया आसन शुरू करने से पहले डॉक्टर और किसी अनुभवी योग शिक्षक से सलाह ज़रूर लें।
योग वजन कैसे घटाता है
योग को समझने के लिए इसे सिर्फ कैलोरी के तराज़ू पर मत तौलिए। इसका असर कई परतों में काम करता है।
पहला, आसन मांसपेशियों को खींचते और मज़बूत करते हैं। सूर्य नमस्कार जैसी क्रियाएं तो पूरे शरीर को एक लय में हिलाती हैं, जिससे अच्छी-खासी ऊर्जा खर्च होती है। दूसरा, योग तनाव के हार्मोन को शांत करता है। जब हम लगातार तनाव में रहते हैं, तो शरीर ज़्यादा भूख और चर्बी जमा करने की तरफ झुकता है। योग इस चक्र को तोड़ता है। तीसरा, योग पाचन और साँस को बेहतर बनाता है, जिससे शरीर खाना ठीक से पचाता है और सुस्ती कम होती है।
एक और अहम बात, योग आपके और आपके शरीर के बीच एक जुड़ाव बनाता है। धीरे-धीरे आप यह महसूस करने लगते हैं कि पेट सच में भरा है या सिर्फ मन ललचा रहा है। यही छोटी सी समझ बिना गिनती के भी खाना कम करने में मदद करती है। इसलिए योग को वजन घटाने का एक धीमा पर बहुत टिकाऊ रास्ता माना जाता है।
वजन घटाने के लिए 8 असरदार योगासन
नीचे वो आसन दिए हैं जो पेट, कमर और पूरे शरीर के लिए खासतौर पर उपयोगी माने जाते हैं। शुरुआत में हर आसन को कम बार और आराम से करें, और धीरे-धीरे बढ़ाएं।
| योगासन | मुख्य असर किस पर | शुरुआत में सुझाव | |--------|-----------------|------------------| | सूर्य नमस्कार | पूरा शरीर, सबसे असरदार | रोज़ 3 से 5 राउंड से शुरू | | कपालभाति प्राणायाम | पेट, पाचन, ऊर्जा | 1 से 2 मिनट, धीरे बढ़ाएं | | भुजंगासन (कोबरा) | पेट, कमर, रीढ़ | 15 से 20 सेकंड रुकें | | नौकासन (बोट) | पेट की चर्बी, कोर | 10 से 15 सेकंड से शुरू | | सेतुबंधासन (ब्रिज) | कमर, कूल्हे, जांघ | धीरे उठें और उतरें | | त्रिकोणासन | कमर की चर्बी, संतुलन | दोनों तरफ बराबर करें | | उत्कटासन (चेयर) | जांघ, कूल्हे, पैर | दीवार का सहारा ले सकते हैं | | धनुरासन (बो) | पेट, पीठ, लचीलापन | झटके से न करें |
सूर्य नमस्कार, पूरे शरीर का एक पैकेज
अगर आपके पास समय कम है और सिर्फ एक चीज़ चुननी हो, तो सूर्य नमस्कार चुनिए। यह बारह मुद्राओं की एक लयबद्ध श्रृंखला है जो हाथ, पैर, पेट, कमर और साँस सबको एक साथ जोड़ती है। इसे साँस के साथ लय में करने पर यह हल्की कसरत जैसा असर देता है और शरीर गर्म हो जाता है।
शुरुआत में तीन से पांच राउंड काफी हैं। जैसे-जैसे शरीर अभ्यस्त हो, इन्हें आराम से बढ़ाते जाएं। इसे झटके से नहीं, बहती हुई गति में करना है, हर मुद्रा में साँस को महसूस करते हुए।
कपालभाति, पेट के लिए साँस की कसरत
कपालभाति एक प्राणायाम है जिसमें आप तेज़ी से साँस बाहर छोड़ते हैं और पेट को अंदर की ओर खींचते हैं। यह पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है और पाचन को गति देता है। इसे हमेशा खाली पेट और शांत जगह पर करें। शुरुआत एक से दो मिनट से करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। हाई बीपी या दिल की कोई समस्या होने पर इसे बिना सलाह के न करें।
भुजंगासन और नौकासन, पेट के दो साथी
भुजंगासन में आप पेट के बल लेटकर ऊपरी शरीर को धीरे से उठाते हैं, जिससे पेट और कमर पर अच्छा खिंचाव आता है। नौकासन में शरीर को नाव के आकार में संतुलित रखना होता है, जो सीधे पेट की गहरी मांसपेशियों पर काम करता है। ये दोनों आसन पेट की चर्बी और कोर की मज़बूती के लिए बहुत काम के माने जाते हैं। बस इन्हें ज़ोर लगाकर नहीं, अपनी क्षमता के भीतर रुककर करें।