रोटी, चावल और दाल में कितनी कैलोरी होती है: घर की कटोरी के हिसाब से पूरी टेबल
छोटा जवाब
अगर आपके पास सिर्फ एक मिनट है तो पांच नंबर याद रखिए. घर की एक सामान्य रोटी करीब अस्सी कैलोरी. एक कटोरी पका चावल करीब दो सौ. एक कटोरी सामान्य दाल सवा सौ से डेढ़ सौ. एक कटोरी सूखी सब्ज़ी सवा सौ के आसपास. और एक छोटा चम्मच तेल या घी पैंतालीस.
इन्हीं पांच से आप अपनी लगभग हर थाली का हिसाब लगा सकते हैं.
एक बात शुरू में ही साफ कर लेते हैं. भारतीय खाने का कोई एक पक्का नंबर नहीं होता, क्योंकि हमारा खाना पैकेट से नहीं आता. एक ही दाल हर घर में अलग गाढ़ी बनती है. इसलिए नीचे के नंबर एक भरोसेमंद दायरा हैं, पत्थर की लकीर नहीं.
एक रोटी में कितनी कैलोरी होती है
रोटी की कैलोरी तीन चीज़ों से तय होती है: आटे का वजन, आटा किस चीज़ का है, और ऊपर घी लगा या नहीं.
एक सामान्य घरेलू रोटी में करीब तीस ग्राम कच्चा आटा जाता है, यानी सत्तर से अस्सी कैलोरी. अगर रोटी बड़ी और मोटी बनती है और चालीस से पचास ग्राम आटा जाता है, तो वही रोटी सौ से सवा सौ की हो जाती है. आधा चम्मच घी लगाने पर बीस से पच्चीस और जुड़ जाती हैं.
बाकी विकल्पों का मोटा हिसाब यह रहा. ढाबे की तंदूरी रोटी सवा सौ से डेढ़ सौ. एक सादा पराठा, जिसमें एक चम्मच तेल गया हो, दो सौ के आसपास. आलू का पराठा घी के साथ ढाई सौ से तीन सौ. मैदे की नान तीन सौ के करीब. बाजरे या ज्वार की रोटी की कैलोरी गेहूं जैसी ही है, फर्क सिर्फ फाइबर का है, जिससे पेट देर तक भरा लगता है.
एक आम गलतफहमी यहां साफ कर देनी चाहिए. रोटी वजन बढ़ाने वाली चीज़ नहीं है. दिक्कत तब बनती है जब थाली में रोटी चार पांच हो जाएं और साथ में प्रोटीन कुछ भी न हो. फिर भूख दो घंटे में लौट आती है.
चावल का पूरा हिसाब, और वह गलती जो लगभग सब करते हैं
सबसे बड़ी गलती कच्चे और पके चावल को एक मान लेना है.
सौ ग्राम कच्चा चावल करीब तीन सौ पैंतालीस कैलोरी का होता है, लेकिन पकने पर वह पानी सोखकर तीन गुना हो जाता है. इसलिए सौ ग्राम पके चावल में सिर्फ सवा सौ से डेढ़ सौ कैलोरी होती हैं. घर की एक सामान्य कटोरी में करीब डेढ़ सौ ग्राम पका चावल आता है, यानी करीब दो सौ कैलोरी. भरी हुई प्लेट तीन सौ से साढ़े तीन सौ तक चली जाती है.
जो चावल सादे नहीं होते उनका हिसाब अलग है. एक कटोरी जीरा राइस या वेज पुलाव ढाई सौ के आसपास. एक प्लेट वेज बिरयानी चार सौ से पांच सौ, और चिकन बिरयानी छह सौ से भी ऊपर, क्योंकि उसमें तेल और घी दोनों जाते हैं.
भूरे और सफेद चावल की कैलोरी में लगभग कोई फर्क नहीं है. फर्क फाइबर का है, जो पाचन धीमा करता है. इसलिए सफेद चावल छोड़ने की ज़रूरत नहीं, बस साथ में दाल, दही और सलाद रखिए. चावल का हिस्सा कम और दाल सब्ज़ी का हिस्सा ज़्यादा रखना अकेले चावल छोड़ने से ज़्यादा काम करता है.
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दाल, राजमा और छोले की कैलोरी
दाल की कैलोरी दाल के प्रकार से कम और तड़के से ज़्यादा तय होती है. यह बात समझ में आ जाए तो आधी उलझन खत्म हो जाती है.
एक कटोरी पतली पीली दाल, जिसमें आधा चम्मच तेल का तड़का लगा हो, सवा सौ से डेढ़ सौ कैलोरी की होती है. वही दाल गाढ़ी हो और तड़के में एक बड़ा चम्मच घी गया हो, तो दो सौ से सवा दो सौ तक पहुंच जाती है. दाल मखनी में क्रीम और मक्खन दोनों जाते हैं, इसलिए एक कटोरी तीन सौ से ऊपर भी जा सकती है.
राजमा और छोले की एक कटोरी सामान्य ग्रेवी के साथ दो सौ से सवा दो सौ की होती है. इनमें प्रोटीन और फाइबर दोनों अच्छे हैं, इसलिए यह वजन घटाने वाली थाली में नुकसान नहीं करते, बशर्ते ग्रेवी में तेल तैरता हुआ न दिखे. सांभर पतला होता है, इसलिए एक कटोरी सवा सौ के आसपास रहती है.
सब्ज़ी की कैलोरी और तेल का असली खेल
सब्ज़ी की कैलोरी में सब्ज़ी का हिस्सा छोटा होता है और तेल का हिस्सा बड़ा.
एक कटोरी लौकी, तोरई, गोभी या भिंडी की सूखी सब्ज़ी, जिसमें एक छोटा चम्मच तेल गया हो, सौ से सवा सौ कैलोरी की होती है, और इसमें से करीब पैंतालीस अकेले तेल की हैं. एक कटोरी आलू की सब्ज़ी डेढ़ सौ से पौने दो सौ तक जाती है. पालक पनीर या मटर पनीर की एक कटोरी ढाई सौ से तीन सौ की होती है.
अब उस हिस्से की बात जो सबसे ज़्यादा छूटता है. मान लीजिए सब्ज़ी में दो बड़े चम्मच तेल गया, यानी ढाई सौ कैलोरी, और वह सब्ज़ी चार लोगों में बंटी. हर थाली में करीब साठ कैलोरी सिर्फ तेल की गईं. दिन में तीन बार यही हुआ तो अकेले तेल से एक सौ अस्सी कैलोरी बनीं, और वह किसी को दिखीं नहीं.
इसका इलाज तराजू नहीं है, आदत है. तेल बोतल से सीधे कड़ाही में मत डालिए, चम्मच से डालिए.
पूरी थाली का जोड़, तीन आम उदाहरण
अलग अलग नंबर याद रखने से ज़्यादा उपयोगी यह देखना है कि एक पूरी थाली कहां बैठती है.
पहली थाली, आम दोपहर का खाना. दो रोटी, एक कटोरी दाल, एक कटोरी सूखी सब्ज़ी, एक कटोरी दही और सलाद. जोड़ करीब पांच सौ से साढ़े पांच सौ कैलोरी, और प्रोटीन तथा फाइबर दोनों ठीक ठाक.
दूसरी थाली, चावल वाला खाना. एक कटोरी चावल, एक कटोरी दाल, एक कटोरी सब्ज़ी और दही. जोड़ करीब साढ़े पांच सौ से छह सौ. लगभग पहली जैसी ही, इसलिए चावल को दुश्मन मानने का कोई कारण नहीं.
तीसरी थाली, वह जो हिसाब बिगाड़ती है. दो आलू के पराठे घी के साथ, दही और अचार. जोड़ छह सौ से सात सौ, और प्रोटीन बहुत कम. यही वजह है कि ऐसा नाश्ता करने के बाद ग्यारह बजे फिर भूख लगती है. बेहतर विकल्प वजन घटाने के लिए नाश्ता में दिए गए हैं.
दिन भर की छोटी चीज़ें भी जोड़नी पड़ती हैं, क्योंकि वही आखिर में हिसाब पलटती हैं. दूध और चीनी वाली एक कप चाय करीब सौ कैलोरी. दो बिस्कुट अस्सी. एक समोसा ढाई सौ से तीन सौ. दिन में चार चाय और चार बिस्कुट का मतलब है करीब छह सौ कैलोरी, यानी एक पूरी थाली के बराबर, बिना किसी को पता चले.