पीठ के मुहांसों का घरेलू इलाज: कारण, सफाई और सही तरीके की पूरी जानकारी
छोटा जवाब
अगर पीठ पर छोटे छोटे दाने बार बार निकलते हैं, कंधों और रीढ़ के आसपास खुजली या हल्की जलन रहती है, और टाइट कपड़े पहनने पर मुहांसे और बढ़ जाते हैं, तो ज़्यादातर मामलों में इसके पीछे कोई बड़ी बीमारी नहीं बल्कि पसीना, बंद रोमछिद्र और कपड़ों से जुड़ी कुछ आम आदतें होती हैं.
सबसे बड़ा उपाय रोज़ की सफाई से शुरू होता है. नहाते समय लंबे हैंडल वाले ब्रश से पीठ को ठीक से साफ़ कीजिए, पसीने वाले कपड़े ज़्यादा देर न पहनिए, सूती और ढीले कपड़े चुनिए, और बालों को पीठ से दूर रखिए. इसके साथ नीम, चाय के पेड़ के तेल या मुल्तानी मिट्टी जैसे कुछ घरेलू उपाय भी मदद करते हैं. अगर मुहांसे गहरे, दर्द भरे या दाग छोड़ने वाले हैं, तो यह घरेलू उपायों का दायरा नहीं, वहां त्वचा विशेषज्ञ से मिलना ज़रूरी है.
पीठ पर मुहांसे क्यों होते हैं
पीठ की त्वचा चेहरे से अलग तरह से काम करती है. यहां तेल बनाने वाली ग्रंथियां चेहरे के मुकाबले बड़ी और ज़्यादा सक्रिय होती हैं, और त्वचा भी मोटी होती है. यही वजह है कि पीठ के मुहांसे अक्सर चेहरे के मुहांसों से ज़्यादा गहरे और ज़िद्दी लगते हैं.
मुहांसे तब बनते हैं जब रोमछिद्र अतिरिक्त तेल, मरी हुई त्वचा और गंदगी से बंद हो जाते हैं. बंद रोमछिद्र में बैक्टीरिया आसानी से पनपते हैं, और शरीर की प्रतिरोधक व्यवस्था इस पर सूजन के ज़रिए प्रतिक्रिया देती है, जिससे लाल दाने या दर्द भरे उभार दिखते हैं.
पसीना और नमी. गर्मी, उमस या वर्कआउट के बाद पीठ पर जमा पसीना रोमछिद्रों को बंद कर देता है, खास तौर पर अगर कपड़े देर तक नहीं बदले जाते.
हार्मोन में बदलाव. किशोरावस्था, माहवारी के आसपास का समय और तनाव, इन सबमें तेल का उत्पादन बढ़ जाता है, जिससे मुहांसे निकलने की संभावना भी बढ़ती है.
कपड़ों और बैग की रगड़ या पट्टियों का दबाव. भारी बैग की पट्टियां, टाइट ब्रा स्ट्रैप या सिंथेटिक कपड़े लगातार त्वचा को रगड़ते हैं, जिससे उन जगहों पर जलन और मुहांसे दोनों बढ़ते हैं.
बालों का पीठ को छूना. लंबे बाल पीठ पर तेल और शैंपू या कंडीशनर के अंश छोड़ जाते हैं, जो रोमछिद्रों को बंद कर सकते हैं.
गलत तरह का बॉडी वॉश या तेल. बहुत गाढ़े या तेल वाले प्रोडक्ट, खास तौर पर वे जो त्वचा पर देर तक रह जाते हैं, रोमछिद्र बंद करने का काम आसान कर देते हैं.
नहाने और सफाई का सही तरीका
हाथ से न पहुंचने वाली जगहों के लिए ब्रश या लूफा इस्तेमाल कीजिए. लंबे हैंडल वाला नरम ब्रश पूरी पीठ तक आसानी से पहुंचता है, जहां सिर्फ हाथ से रगड़ना मुश्किल होता है.
बहुत ज़ोर से मत रगड़िए. ज़्यादा रगड़ने से त्वचा में जलन होती है और शरीर उल्टा ज़्यादा तेल बनाने लगता है, इसलिए हल्के गोलाकार हाथों से सफाई काफी है.
साबुन या बॉडी वॉश को कुछ देर त्वचा पर रहने दीजिए. लगाने के तुरंत बाद धो देने से बजाय कम से कम एक मिनट रुकने दीजिए, ताकि वह ठीक से अपना काम कर सके, फिर पूरी तरह धो दीजिए.
नहाने के बाद पीठ को अच्छी तरह सुखाइए. गीली त्वचा पर कपड़े पहनने से नमी अंदर ही फंस जाती है, इसलिए तौलिये से हल्के हाथों से पोंछकर ही कपड़े पहनिए.
वर्कआउट या पसीने वाले किसी भी काम के तुरंत बाद नहाइए. पसीना जितनी देर त्वचा पर रहता है, बैक्टीरिया को उतना ही ज़्यादा समय मिलता है, इसलिए देर करने के बजाय जल्दी नहा लेना सबसे कारगर आदत है.
जानकारी काफी नहीं होती, रोज़ निभाना असली काम है. SuperLiving पर 20+ कोच हिंदी और हिंग्लिश में आपकी दिनचर्या, आपके कपड़ों और आपकी त्वचा की देखभाल के हिसाब से छोटे कदम तय करते हैं, ताकि सफाई और सही आदतें याद रखना आसान बने. SuperLiving डाउनलोड करें
कपड़ों और रोज़ की आदतों में बदलाव
सूती और ढीले कपड़े चुनिए. सूती कपड़ा हवा को त्वचा तक पहुंचने देता है, जिससे पसीना जल्दी सूखता है. सिंथेटिक और टाइट कपड़े नमी को अंदर रोक लेते हैं, जो मुहांसों के लिए सबसे अच्छा माहौल बनाते हैं.
पसीने वाले कपड़े दोबारा मत पहनिए. वर्कआउट के बाद के कपड़ों को धोए बिना दोबारा पहनने से बैक्टीरिया सीधे त्वचा पर वापस चले जाते हैं.
बिस्तर की चादर और तकिए के कवर नियमित बदलिए. हफ्ते में एक बार बदलना अच्छी आदत है, क्योंकि इन पर जमा तेल और मृत त्वचा भी पीठ के संपर्क में आते रहते हैं.
बैग की पट्टियों और भारी सामान से थोड़ा ध्यान दीजिए. जहां तक हो सके, पट्टियों को घुमाते रहिए या हल्का बैग चुनिए, ताकि एक ही जगह पर लगातार दबाव और रगड़ न बने.
लंबे बालों को पीठ से दूर बांधिए. खास तौर पर नहाने के बाद और सोते समय, ताकि बालों का तेल और उत्पाद पीठ की त्वचा तक कम पहुंचे. तैलीय त्वचा की पूरी देखभाल समझने के लिए तैलीय त्वचा के लिए घरेलू उपाय पढ़ना भी उपयोगी रहेगा, क्योंकि तेल और मुहांसों का रिश्ता चेहरे और पीठ दोनों पर एक जैसा काम करता है.