पेट की चर्बी के लिए घर पर करने वाली आसान एक्सरसाइज: बिना जिम, बिना इक्विपमेंट के पूरा प्लान
छोटा जवाब
अगर आप जिम जाने का समय या मन नहीं बना पा रहे और पेट की चर्बी कम करना चाहते हैं, तो अच्छी खबर यह है कि इसके लिए जिम ज़रूरी नहीं है. स्क्वाट, प्लैंक, ग्लूट ब्रिज, माउंटेन क्लाइंबर और वॉकिंग जैसी चीज़ें घर की एक छोटी सी जगह में, बिना किसी मशीन या डम्बल के, उतना ही असर दिखा सकती हैं जितना जिम की मेहनत.
असली शर्त सिर्फ एक है, नियमितता. हफ्ते में चार से पांच दिन, 20 से 25 मिनट, सही तरीके से किया गया रूटीन, साथ में खाने पर थोड़ा ध्यान, यही पेट की चर्बी कम करने का सबसे भरोसेमंद रास्ता है. कोई जादुई एक्सरसाइज़ या एक हफ्ते का शॉर्टकट यहां काम नहीं करता.
पेट की चर्बी सिर्फ पेट की एक्सरसाइज से क्यों नहीं जाती
यह समझना सबसे ज़रूरी है, क्योंकि इसी गलतफहमी में लोग महीनों क्रंचेज़ करते रह जाते हैं और फर्क नहीं दिखता.
शरीर किसी एक तय जगह से चुनकर चर्बी नहीं घटाता. जब आप एक्सरसाइज़ करते हैं या कैलोरी की कमी में रहते हैं, तो शरीर पूरे शरीर के अलग अलग हिस्सों से थोड़ी थोड़ी चर्बी इस्तेमाल करता है, सिर्फ उस जगह से नहीं जिसकी एक्सरसाइज़ आप कर रहे हैं. इसीलिए सौ क्रंचेज़ रोज़ करने के बावजूद पेट पर चर्बी की परत वैसी ही रह सकती है, जबकि पेट के नीचे की मांसपेशियां मज़बूत होती जाती हैं.
पेट की एक्सरसाइज़ का असली काम मांसपेशियों को मज़बूत और टाइट बनाना है, चर्बी को सीधे पिघलाना नहीं. चर्बी की परत हटाने का काम दो चीज़ें करती हैं, पूरे शरीर की हलचल और खाने में थोड़ी सी कैलोरी की कमी. जब यह दोनों साथ चलते हैं, तब पेट की चर्बी भी बाकी शरीर के साथ धीरे धीरे कम होने लगती है. इस पूरी सोच को और तरीके से, बिना equipment के पूरे घरेलू प्लान के साथ समझने के लिए How to Reduce Belly Fat at Home पढ़ना उपयोगी रहेगा.
पेट की चर्बी बढ़ने की असली वजहें
एक्सरसाइज़ शुरू करने से पहले यह समझना फायदेमंद है कि चर्बी जमा कहां से हुई. ज़्यादातर मामलों में यह किसी एक बड़ी गलती से नहीं, कई छोटी आदतों के जुड़ने से होती है.
बैठे रहने वाला दिन. दफ्तर में घंटों कुर्सी पर बैठना, गाड़ी या बाइक से आना जाना, और शाम को सोफे पर टीवी या फोन. दिन भर में शरीर से बहुत कम मांगा जाता है, और यही धीरे धीरे पेट के आस पास चर्बी जमा करता है.
चाय, नमकीन और तली चीज़ों की आदत. दिन में दो तीन बार मीठी चाय, ऑफिस की नमकीन, शाम का तला हुआ नाश्ता, ये सब अलग अलग छोटे लगते हैं लेकिन हफ्ते भर में काफी कैलोरी जोड़ देते हैं.
नींद की कमी और तनाव. कम नींद भूख बढ़ाने वाले हार्मोन को सक्रिय करती है और मीठी, तली चीज़ों की तलब बढ़ाती है. लगातार तनाव में रहने वाले लोग अक्सर बिना ध्यान दिए ज़्यादा खा लेते हैं. तनाव को कम करने के आसान तरीके जानने के लिए तनाव कम करने के उपाय एक अच्छी शुरुआत है.
शरीर की बनावट. कई लोगों में, खास तौर पर पुरुषों में, चर्बी सबसे पहले पेट के आस पास जमा होती है और वहीं से सबसे आखिर में जाती है. यह किसी की कमी नहीं, बस शरीर का तरीका है, और यह भी बाकी चर्बी की तरह ही धीरे धीरे कम होती है.
घर पर बिना इक्विपमेंट के 20 मिनट का रूटीन
अब आते हैं असली काम की बात पर. यह रूटीन शुरुआत करने वालों के लिए बना है और इसमें किसी मशीन, डम्बल या जिम की ज़रूरत नहीं.
वॉर्म अप, 3 मिनट. गर्दन को धीरे धीरे घुमाना, कंधों के गोल घुमाव, हाथों को आगे पीछे हिलाना, और जगह पर मार्च करना. यह हिस्सा छोड़ें मत, यह चोट से बचाता है.
स्क्वाट, 3 राउंड, 12 से 15 बार. पैर कंधों जितने चौड़े, पीठ सीधी, धीरे धीरे कुर्सी पर बैठने जैसा नीचे जाएं और वापस ऊपर आएं. यह जांघों, कूल्हों और पेट की गहरी मांसपेशियों को एक साथ काम देता है. अगर संतुलन मुश्किल लगे तो दीवार के सहारे शुरू करें.
प्लैंक, 3 राउंड, 20 से 30 सेकंड. कोहनियां कंधों के नीचे, शरीर एक सीधी लाइन में, न हिप ऊपर उठे न नीचे झुके. यह पेट की गहरी मांसपेशियों के लिए सबसे असरदार एक्सरसाइज़ में गिना जाता है. शुरुआत में मुश्किल लगे तो घुटनों पर करें.
ग्लूट ब्रिज, 3 राउंड, 12 से 15 बार. पीठ के बल लेटकर घुटने मोड़ें, पैर ज़मीन पर सपाट, हिप्स को ऊपर उठाएं और एक सेकंड रोककर वापस नीचे लाएं. यह कमर के दर्द को कम करने में भी मदद करता है, जो लंबे समय बैठने वालों में आम शिकायत है.
माउंटेन क्लाइंबर, 2 राउंड, 20 बार. पुश अप जैसी स्थिति में आकर एक एक घुटने को छाती की तरफ तेज़ी से लाना. यह दिल की धड़कन बढ़ाता है और पेट की मांसपेशियों के साथ साथ पूरे शरीर को काम देता है. शुरुआत में धीमी गति से करें.
कूल डाउन, 2 मिनट. हल्की स्ट्रेचिंग और गहरी सांसें, ताकि मांसपेशियां आराम से ठंडी हों.
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