कब्ज के घरेलू उपाय
पेट साफ न होना, रोज़ सुबह washroom में देर तक बैठे रहना, पेट भारी-भारी सा feel होना, यह problem बहुत आम है, लेकिन ज़्यादातर लोग इसके बारे में खुलकर बात नहीं करते।
कब्ज सिर्फ असहज नहीं करती, यह पूरे दिन की energy, मूड, और यहां तक कि skin पर भी असर डालती है। दफ्तर में meeting के बीच बेचैनी होना, सुबह जल्दी में motion clear न हो पाना, या पूरे दिन पेट में भारीपन महसूस होना, इन सबका सीधा असर आपके रोज़मर्रा के काम पर पड़ता है।
अच्छी बात यह है कि ज़्यादातर मामलों में कब्ज को diet और lifestyle में कुछ practical बदलावों से काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। इसके लिए महंगी दवाइयों या complicated routines की ज़रूरत नहीं होती, बल्कि कुछ सही आदतें और सही खाना काफी होता है।
इस article में हम बात करेंगे कि कब्ज क्यों होती है, कौन से घरेलू उपाय सच में असर करते हैं, कौन सी yoga postures मदद कर सकती हैं, और किन आदतों से लंबे समय तक पेट साफ रहता है।
कब्ज क्यों होती है?
कब्ज के पीछे अक्सर एक नहीं, बल्कि कई कारण मिलकर काम करते हैं।
फाइबर की कमी
आजकल के खाने में refined और processed चीज़ों की मात्रा बढ़ गई है, जबकि fruits, vegetables, और whole grains की मात्रा कम हो गई है। फाइबर वो चीज़ है जो मल को bulk और soft बनाए रखता है, ताकि वो आसानी से आंतों से गुज़र सके। इसकी कमी सबसे common कारणों में से एक है।
पानी कम पीना
अगर शरीर में पानी की कमी है, तो आंतें आंतों की दीवार से ज़्यादा पानी सोख लेती हैं, जिससे मल सूखा और सख्त हो जाता है। यही सख्त मल कब्ज का मुख्य कारण बनता है। खासकर जो लोग फाइबर तो ले रहे हैं लेकिन पानी कम पी रहे हैं, उनकी problem और बढ़ सकती है।
Physical activity की कमी
जो लोग पूरा दिन बैठे रहते हैं, उनकी आंतों की movement, जिसे peristalsis कहा जाता है, धीमी पड़ जाती है। थोड़ी सी भी daily movement, जैसे walk करना, इस movement को active रखने में मदद करती है। Desk job करने वाले और घंटों बैठकर काम करने वाले लोगों में यह problem ज़्यादा देखी जाती है।
Washroom जाने को टालना
बहुत से लोग जब urge feel होता है तब भी काम या busy होने की वजह से washroom जाना टाल देते हैं। बार-बार ऐसा करने से शरीर का natural signal कमज़ोर पड़ने लगता है, और धीरे-धीरे यह एक chronic problem बन जाती है।
Stress और नींद की कमी
Gut और brain का सीधा connection है। जब आप stressed होते हैं या नींद पूरी नहीं होती, digestion धीमा हो सकता है और आंतों की regularity बिगड़ सकती है। यही कारण है कि सिर्फ खाने में बदलाव करने से हमेशा पूरा फर्क नहीं पड़ता, lifestyle के दूसरे हिस्से भी ज़रूरी हैं।
कुछ खास खाने की आदतें
बहुत ज़्यादा तला हुआ खाना, maida-based products, packaged snacks, और dairy की अधिक मात्रा कुछ लोगों में कब्ज को बढ़ा सकती है। हर body अलग तरह से react करती है, इसलिए अपने खाने पर ध्यान देना मददगार होता है।
यात्रा और routine में बदलाव
बहुत से लोगों को travel के दौरान या routine बदलने पर कब्ज हो जाती है। नई जगह, अलग खाना, अलग समय पर सोना-जागना, यह सब आंतों के natural rhythm को temporarily बिगाड़ सकते हैं। अगर आप अक्सर travel करते हैं, तो साथ में पानी और फाइबर वाला हल्का खाना रखने की कोशिश करें।
घरेलू उपाय जो सच में असर करते हैं
1. सुबह गुनगुना पानी
सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुना पानी पीना आंतों को active करने का एक सरल और असरदार तरीका है। चाहें तो इसमें नींबू मिला सकते हैं। यह कोई magic cure नहीं है, लेकिन एक अच्छी शुरुआत है।
2. भीगे हुए मुनक्का या अंजीर
रात को तीन-चार मुनक्के या दो अंजीर पानी में भिगो दें, और सुबह खाली पेट खा लें। इनमें natural फाइबर और sorbitol होता है, जो आंतों की movement को soften करने में मदद करता है। यह एक पुराना और भरोसेमंद घरेलू नुस्खा है।
3. इसबगोल यानी Psyllium Husk
रात को सोने से पहले एक चम्मच इसबगोल गुनगुने पानी या दूध के साथ लेना कब्ज के लिए एक जाना-पहचाना उपाय है। यह फाइबर का एक अच्छा स्रोत है जो मल को bulk देता है। शुरुआत में कम मात्रा से शुरू करें और साथ में पानी ज़रूर पीएं, वरना असर उल्टा भी हो सकता है।
4. त्रिफला
त्रिफला churna पारंपरिक रूप से पाचन के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ थोड़ी मात्रा में लेने से कुछ लोगों को फायदा मिलता है। अगर आप कोई और दवाई ले रहे हैं, तो शुरू करने से पहले doctor से पूछ लेना बेहतर है।
5. जीरा और सौंफ का पानी
खाने के बाद भुना हुआ जीरा या सौंफ चबाना digestion को बेहतर बनाने में मदद करता है। इन्हें रात भर पानी में भिगोकर सुबह वो पानी पीना भी एक हल्का और असरदार घरेलू उपाय है।
6. पेट की मालिश
पेट पर हल्के हाथों से clockwise direction में मालिश करना आंतों की movement को धीरे-धीरे stimulate कर सकता है। यह खासकर सुबह के समय या bloating महसूस होने पर आरामदायक लगता है। दो से तीन मिनट रोज़ यह मालिश करने से कुछ हफ्तों में फर्क महसूस हो सकता है।
7. गुनगुने पानी में अजवाइन
एक चुटकी अजवाइन और थोड़ा काला नमक गुनगुने पानी में मिलाकर पीना पेट में गैस और भारीपन कम करने में मदद करता है। यह खासकर तब उपयोगी है जब कब्ज के साथ bloating भी हो रही हो।