हैंगओवर से राहत पाने के घरेलू उपाय: सिरदर्द और जी घबराने से जल्दी राहत कैसे पाएं
छोटा जवाब
अगर सुबह उठते ही सिर भारी है, पेट में गड़बड़ है, रोशनी और आवाज़ दोनों परेशान कर रही हैं, और शरीर ऐसा लग रहा है जैसे रातभर सोया ही नहीं, तो यह क्लासिक हैंगओवर है, और इसका सबसे बड़ा हिस्सा शरीर में पानी और ज़रूरी नमक की कमी से आता है।
सबसे पहला और सबसे असरदार काम है धीरे-धीरे पानी और नमक-चीनी का घोल या नारियल पानी पीना, हल्का और सादा खाना खाना, और शरीर को आराम देना। कोई चमत्कारी तरीका एक झटके में सब ठीक नहीं करता, पर सही कदम सही क्रम में उठाने से राहत काफी तेज़ी से मिलती है, और ज़्यादातर लोगों को दिन ढलते-ढलते काफी फर्क महसूस होने लगता है।
हैंगओवर होता क्यों है
हैंगओवर को समझने के लिए यह जानना ज़रूरी है कि शराब शरीर में असल में क्या करती है।
शराब एक diuretic है, यानी यह शरीर को सामान्य से ज़्यादा पेशाब बनाने पर मजबूर करती है। इससे शरीर सिर्फ पानी नहीं, बल्कि सोडियम और पोटैशियम जैसे ज़रूरी नमक भी खो देता है। यही कमी सिरदर्द, कमज़ोरी और थकान का एक बड़ा कारण बनती है।
इसके अलावा, जब शरीर शराब को तोड़ता है, तो बीच में एक ऐसा तत्व बनता है जो शरीर के लिए हल्का सा ज़हर जैसा काम करता है, जिसे शरीर कुछ घंटों में साफ कर देता है, पर तब तक जी घबराना, थकान और सुस्ती जैसा महसूस होता है। साथ ही शराब ब्लड शुगर को भी गिरा देती है, जिसकी वजह से कमज़ोरी, हाथ कांपना और चिड़चिड़ापन जैसी चीज़ें दिखती हैं।
एक और हिस्सा जिसे लोग अक्सर भूल जाते हैं, वह है नींद। शराब पीने के बाद नींद आ तो जाती है, पर वह गहरी और असली आराम देने वाली नींद नहीं होती। शराब नींद के उस हिस्से में बाधा डालती है जिसमें शरीर सबसे ज़्यादा ठीक होता है, इसलिए सुबह सोने के बावजूद शरीर थका हुआ लगता है, जैसे रातभर आराम ही नहीं मिला।
इन सबके ऊपर, शराब पेट की परत को भी हल्का सा परेशान कर देती है, जिससे जी घबराना और पेट में भारीपन महसूस होता है। जितनी ज़्यादा मात्रा और जितना खाली पेट पी गई हो, यह असर उतना ही तेज़ दिखता है। यही वजह है कि जो लोग बिना कुछ खाए पीते हैं, उनका हैंगओवर अक्सर ज़्यादा भारी होता है।
हैंगओवर के लक्षण जो सबसे ज़्यादा परेशान करते हैं
ज़्यादातर लोगों का अनुभव इनमें से कई लक्षणों का मिश्रण होता है।
सिरदर्द, खास तौर पर माथे या कनपटी के आसपास। यह पानी की कमी और रात में कम नींद दोनों का असर है।
जी घबराना और पेट में गड़बड़ी। कई बार उल्टी जैसा महसूस होता है, पेट भारी लगता है।
बहुत ज़्यादा थकान और कमज़ोरी। शरीर ऐसा लगता है जैसे पूरी रात नींद ही नहीं मिली।
रोशनी और आवाज़ से परेशानी। तेज़ धूप या थोड़ी भी तेज़ आवाज़ असहज कर देती है।
मुंह और गला सूखना। पानी की कमी का सीधा असर।
चिड़चिड़ापन और ध्यान न लग पाना। ब्लड शुगर गिरने और नींद पूरी न होने की वजह से सोचना भी भारी लगता है।
ध्यान दीजिए कि ये सब लक्षण आमतौर पर अपने आप कुछ घंटों में कम होने लगते हैं। अगर पानी पीने के बाद भी सिरदर्द ठीक नहीं हो रहा, तो पानी पीने के फायदे वाली गाइड से सही मात्रा और सही तरीका समझना एक अच्छी शुरुआत है, क्योंकि hydration पूरे शरीर के काम करने के तरीके को प्रभावित करती है।
सबसे पहले क्या करें, शुरुआती कुछ घंटों में
उठने के बाद सबसे पहले जल्दबाज़ी मत करिए। शरीर को थोड़ा समय दीजिए और यह कदम क्रम में उठाइए।
धीरे-धीरे पानी पिएं, एक साथ नहीं। एक बार में बहुत सारा पानी पीने से पेट पर दबाव पड़ता है और जी घबराना बढ़ सकता है। थोड़ा-थोड़ा करके, कुछ-कुछ मिनट में, पानी पीते रहिए।
नमक-चीनी-पानी का घोल या नारियल पानी लीजिए। सिर्फ पानी से शरीर में खोए हुए नमक पूरे नहीं होते। घर पर बना हल्का नमक-चीनी-पानी का घोल या नारियल पानी शरीर को ज़्यादा जल्दी संभालने में मदद करता है।
हल्का खाना लीजिए, भूखे मत रहिए। खाली पेट रहने से ब्लड शुगर और गिरती है, जिससे कमज़ोरी बढ़ती है। टोस्ट, केला या दलिया जैसा कुछ हल्का खाना शुरुआत के लिए ठीक रहता है।
आराम दीजिए, जितना हो सके लेटे रहें। शरीर को ठीक होने के लिए समय चाहिए, इस दौरान भारी काम या exercise से बचिए।
ताज़ी हवा और हल्की रोशनी वाली जगह चुनिए। तेज़ धूप और बंद, गरम कमरा दोनों तबीयत को और भारी बना सकते हैं।
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दिन भर में क्या खाएं पिएं
शुरुआती कुछ घंटों के बाद भी, बाकी दिन का खानपान राहत मिलने की रफ्तार तय करता है।
केला और नारियल पानी। दोनों में पोटैशियम होता है, जो शराब की वजह से खोए हुए नमक को वापस पूरा करने में मदद करता है।
खिचड़ी, दलिया या दही-चावल जैसा हल्का खाना। यह पेट पर ज़ोर नहीं डालता और धीरे-धीरे ऊर्जा देता है।
अदरक वाली हल्की चाय। अदरक पेट की गड़बड़ी और जी घबराने में थोड़ी राहत देने के लिए जाना जाता है, बस बहुत कड़क या बहुत मीठी चाय से बचिए।
सादा नींबू पानी। हल्का खट्टा स्वाद और थोड़ी ऊर्जा, साथ में hydration भी।
कॉफी बहुत ज़्यादा मत लीजिए। एक कप राहत जैसा महसूस करा सकता है, पर बहुत ज़्यादा कॉफी शरीर को और dehydrate कर सकती है और सिरदर्द बढ़ा सकती है।
फल और हल्की सब्ज़ियां। तरबूज़, खीरा, मौसमी या संतरे जैसे पानी से भरे फल शरीर को फिर से hydrate करने में मदद करते हैं, साथ में कुछ ज़रूरी विटामिन भी देते हैं।
शाम तक अगर सिरदर्द या थकान पूरी तरह नहीं गई है, तो घबराने की बात नहीं, पर उस दिन भारी एक्सरसाइज़, तेज़ धूप और शराब फिर से लेना, तीनों से बचना बेहतर है। पूरे दिन थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना इस प्रक्रिया की रीढ़ है, सही समय और सही मात्रा को लेकर पूरी जानकारी ऊपर दी गई गाइड में है, जो हैंगओवर के दिन के लिए भी उतनी ही काम की है।