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सनबर्न से जली त्वचा को घर पर कैसे ठीक करें: फौरन राहत और सही देखभाल

SuperLiving Expert Team·

सनबर्न से जली त्वचा को घर पर कैसे ठीक करें: फौरन राहत और सही देखभाल

छोटा जवाब

अगर धूप में देर तक रहने के बाद त्वचा लाल, गर्म और छूने पर दर्द करने लगी है, तो सबसे पहला काम है धूप से तुरंत हट जाना और त्वचा को ठंडा करना, बर्फ रगड़कर नहीं बल्कि ठंडे पानी से नहाकर या गीली पट्टी रखकर.

इसके बाद त्वचा नम रहते हुए ही सादा एलोवेरा जेल या बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइज़र लगाइए, खूब पानी पीजिए क्योंकि सनबर्न शरीर से नमी भी खींचता है, और अगले कुछ दिन उस हिस्से को दोबारा धूप में जाने से बचाइए. टूथपेस्ट, मक्खन, बर्फ सीधे त्वचा पर, और फफोलों को खुद फोड़ना, ये चार चीज़ें सबसे आम गलतियां हैं जो हालत बेहतर करने की बजाय बिगाड़ देती हैं.

सनबर्न असल में है क्या

सनबर्न सिर्फ धूप से त्वचा का "जल जाना" नहीं है, यह सूरज की पराबैंगनी किरणों से त्वचा की सबसे ऊपरी परत को होने वाला असली नुकसान है.

जब त्वचा ज़रूरत से ज़्यादा देर तेज़ धूप में रहती है, तो पराबैंगनी किरणें त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं. शरीर इस नुकसान को पहचानकर सूजन की प्रतिक्रिया शुरू करता है, जिससे त्वचा लाल होती है, गर्म लगती है, और छूने पर दर्द होता है. यह प्रतिक्रिया धूप में रहने के तुरंत बाद नहीं, बल्कि दो से छह घंटे बाद दिखनी शुरू होती है, और बारह से चौबीस घंटे में सबसे गंभीर हो जाती है. यही वजह है कि "उस वक़्त तो ठीक लग रहा था, रात होते होते जलन बढ़ गई" जैसी शिकायत आम है.

भारत में सनबर्न को अक्सर हल्के में लिया जाता है, क्योंकि लगता है कि गहरे रंग की त्वचा वालों को यह होता ही नहीं. यह सही नहीं है. मेलानिन कुछ प्राकृतिक सुरक्षा देता है, लेकिन लंबे समय तक बिना सुरक्षा के तेज़ धूप में रहने पर हर तरह की त्वचा को नुकसान हो सकता है, खासकर समुद्र किनारे, पहाड़ों पर, या दोपहर की खेतों और सड़कों की धूप में.

पहले चौबीस घंटे में क्या करना ज़रूरी है

सबसे पहला और सबसे ज़रूरी कदम है धूप से हटना. जितनी जल्दी त्वचा को और किरणों से बचाया जाए, नुकसान उतना कम बढ़ता है.

ठंडक दीजिए, बर्फ जितनी ठंडी नहीं. ठंडे, सामान्य नल के पानी से नहाइए या शॉवर लीजिए. अगर नहाना मुमकिन नहीं है, तो साफ सूती कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर उस हिस्से पर धीरे धीरे रखिए, दस से पंद्रह मिनट के लिए, दिन में कई बार. पानी बहुत ठंडा या बर्फीला नहीं होना चाहिए, क्योंकि अचानक तापमान गिरने से त्वचा को और झटका लगता है.

त्वचा को रगड़ें नहीं. नहाने के बाद तौलिये से पोंछते वक़्त रगड़ने की बजाय हल्के हाथों से थपथपाकर सुखाइए. त्वचा पहले से संवेदनशील है और रगड़ने से जलन बढ़ती है.

नम त्वचा पर ही मॉइस्चराइज़ लगाइए. नहाने के तुरंत बाद, जब त्वचा हल्की नम हो, तभी एलोवेरा जेल या सादा मॉइस्चराइज़र लगाना सबसे असरदार होता है, क्योंकि इससे नमी त्वचा के अंदर बंद हो जाती है.

पानी की भरपाई कीजिए. सनबर्न त्वचा की सतह से शरीर का पानी भी खींच लेता है, इसलिए सामान्य से ज़्यादा पानी, नींबू पानी या नारियल पानी पीना शुरू कीजिए. चक्कर, सिर दर्द या बहुत ज़्यादा प्यास पानी की कमी का संकेत हो सकते हैं.

ढीले, सूती कपड़े पहनिए. तंग या सिंथेटिक कपड़े जली त्वचा से रगड़ खाकर जलन बढ़ाते हैं.

घरेलू उपाय जो सच में राहत देते हैं

भारतीय घरों में सनबर्न के लिए कई नुस्खे चलते हैं. यहां वे उपाय हैं जिनका असर सबसे भरोसेमंद माना जाता है.

एलोवेरा जेल. अगर घर में ताज़ा एलोवेरा का पौधा है, तो पत्ती काटकर उसका गूदा सीधे त्वचा पर लगाना सबसे अच्छा है. इसमें ठंडक देने वाले और सूजन कम करने वाले गुण हैं. बाज़ार के एलोवेरा जेल में असली एलोवेरा कम और खुशबू ज़्यादा हो सकती है, इसलिए लेबल ज़रूर पढ़िए.

ठंडी दही. दही को फ्रिज में थोड़ी देर ठंडा करके प्रभावित हिस्से पर पतली परत लगाइए, बीस मिनट बाद हल्के हाथों से धो लीजिए. दही की ठंडक और उसमें मौजूद तत्व त्वचा को तुरंत राहत देते हैं, खासकर पीठ या कंधों जैसे बड़े हिस्सों पर.

खीरे के टुकड़े या रस. खीरे में पानी की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है, इसे ठंडा करके सीधे त्वचा पर रखने या रस लगाने से ठंडक और हल्की राहत मिलती है.

ओटमील का पानी. एक मुट्ठी ओटमील को गुनगुने पानी में भिगोकर वह पानी नहाने में मिलाइए, या छानकर उससे त्वचा पोंछिए. यह खुजली और जलन दोनों में मदद करता है.

ठंडी चाय की पत्ती का पानी. चाय बनाकर ठंडा कर लीजिए, उसमें कपड़ा भिगोकर त्वचा पर रखिए. इसमें मौजूद तत्व सूजन कम करने में मदद करते हैं.

घरेलू उपाय राहत देते हैं, लेकिन रोज़ की देखभाल की आदत असली फर्क बनाती है. SuperLiving पर 20+ कोच हिंदी और हिंग्लिश में आपकी त्वचा, धूप में बाहर रहने की आदत और खान-पान के हिसाब से छोटे, निभाने लायक कदम तय करते हैं. SuperLiving डाउनलोड करें

इन उपायों के साथ अगर त्वचा पहले से तैलीय या मुहांसों वाली है, तो सनबर्न के बाद सफाई का तरीका थोड़ा बदलना पड़ता है, इसके लिए तैलीय त्वचा के लिए घरेलू उपाय देखना उपयोगी रहेगा.

क्या नहीं करना चाहिए

कुछ आम आदतें जली हुई त्वचा को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुंचाती हैं.

बर्फ सीधे त्वचा पर मत रगड़िए. अचानक बहुत ज़्यादा ठंडक त्वचा को और चोट पहुंचा सकती है. बर्फ को हमेशा कपड़े में लपेटकर, थोड़ी देर के लिए ही इस्तेमाल कीजिए.

टूथपेस्ट, मक्खन या घी मत लगाइए. ये पुराने घरेलू नुस्खे हैं, लेकिन टूथपेस्ट में मौजूद तत्व जलन बढ़ा सकते हैं, और मक्खन या घी जैसी चिकनाई त्वचा पर परत बनाकर गर्मी को अंदर रोक लेती है, जिससे राहत की बजाय जलन बढ़ती है.

फफोलों को खुद मत फोड़िए. फफोला असल में त्वचा की एक सुरक्षा परत है जो नीचे बन रही नई त्वचा को संक्रमण से बचाती है. उसे फोड़ने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और दाग रहने की संभावना भी.

साबुन या खुशबू वाले उत्पाद मत लगाइए. तेज़ साबुन, परफ्यूम वाला लोशन, या शराब आधारित उत्पाद जली हुई त्वचा को और सुखा देते हैं और जलन बढ़ाते हैं.

दोबारा उसी हिस्से को धूप में मत ले जाइए. जब तक त्वचा पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती, उसे कपड़े या छांव से ढककर रखिए. दोबारा धूप लगने से नुकसान कई गुना बढ़ जाता है.

यह सब खुद करने की ज़रूरत नहीं है

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खाने पीने का ध्यान कैसे रखें

त्वचा के अंदर से ठीक होने में खान-पान की भी भूमिका है.

पानी सबसे ज़रूरी है. दिन भर में सामान्य से ज़्यादा पानी पीजिए. नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी भी अच्छे विकल्प हैं क्योंकि इनमें ज़रूरी नमक भी मिलते हैं.

पानी वाले फल और सब्ज़ियां बढ़ाइए. तरबूज़, खीरा, संतरा और पपीता शरीर को अंदर से नमी और विटामिन देते हैं.

प्रोटीन का ध्यान रखिए. दाल, दही, पनीर और अंडा त्वचा की नई कोशिकाएं बनाने में काम आते हैं.

तला भुना और मसालेदार खाना कुछ दिन कम कीजिए. ऐसा खाना शरीर में सूजन बढ़ा सकता है.

शराब और ज़्यादा चाय कॉफी से बचिए. ये शरीर से पानी निकालते हैं, ठीक उस वक़्त जब उसे ज़्यादा पानी चाहिए.

ठीक होने में कितना समय लगता है

हल्के सनबर्न में लाली और दर्द दो से तीन दिन में कम होने लगते हैं. त्वचा का हल्का छिलना पांचवें से सातवें दिन के आसपास शुरू हो सकता है, यह पूरी तरह सामान्य है और इसका मतलब है कि त्वचा नई परत बना रही है.

गहरे सनबर्न में, खासकर जहां फफोले बने हों, पूरी तरह ठीक होने में दस से चौदह दिन तक लग सकते हैं. इस दौरान त्वचा को खुजलाने या ज़बरदस्ती छिलका उतारने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे दाग, संक्रमण या असमान रंगत रह सकती है.

ठीक होने के बाद कुछ हफ्तों तक त्वचा का रंग सामान्य से गहरा या असमान लग सकता है. यह सूजन के बाद की एक आम प्रतिक्रिया है और आमतौर पर अपने आप हल्की हो जाती है, बशर्ते उस दौरान त्वचा को धूप से बचाया जाए. रंगत और चमक से जुड़ी बाकी आदतों के लिए चमकती त्वचा के घरेलू उपाय पढ़ना उपयोगी रहेगा.

आगे से बचाव कैसे करें

सनबर्न से बचना उसके इलाज से कहीं आसान है.

समय का ध्यान रखिए. सुबह दस बजे से दोपहर तीन बजे के बीच धूप सबसे तेज़ होती है. इस समय बाहर लंबा वक़्त बिताने से बचिए, या छांव और टोपी का सहारा लीजिए.

सनस्क्रीन लगाइए, सिर्फ छुट्टियों में नहीं. रोज़ बाहर निकलने से पहले चेहरे, गर्दन और खुले हाथों पर सनस्क्रीन लगाने की आदत डालिए, चाहे मौसम बादल वाला ही क्यों न हो.

हल्के, ढीले और पूरी बांह के सूती कपड़े पहनिए. ये त्वचा को सीधी किरणों से बचाते हैं और गर्मी में भी आरामदायक रहते हैं.

धूप का चश्मा और टोपी इस्तेमाल कीजिए. आंखों के आसपास की त्वचा सबसे नाज़ुक होती है.

समुद्र किनारे या पहाड़ों पर ज़्यादा सावधानी बरतिए. पानी और बर्फ किरणों को परावर्तित करते हैं, इसलिए वहां सनबर्न जल्दी और ज़्यादा गहरा होता है.

डॉक्टर के पास कब जाना ज़रूरी है

ज़्यादातर सनबर्न घर पर ही ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है.

अगर बुखार, ठंड लगना, बहुत कमज़ोरी या चक्कर आ रहे हैं, अगर फफोले शरीर के बड़े हिस्से या चेहरे पर हैं, अगर दर्द असहनीय है, अगर सूजन के साथ मवाद या बदबू दिख रही है, या यह किसी बच्चे या बुज़ुर्ग को हुआ है, तो यह घरेलू देखभाल की सीमा से बाहर है और समय पर डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है.

मिलाकर बात यह है

सनबर्न का सबसे अच्छा इलाज तुरंत मिली ठंडक, नमी और थोड़ा धैर्य है. आपको महंगी क्रीम या जटिल रूटीन की ज़रूरत नहीं, बस धूप से तुरंत हटना, ठंडे पानी से नहाना, नम त्वचा पर एलोवेरा या सादा मॉइस्चराइज़र लगाना, खूब पानी पीना और अगले कुछ दिन उस हिस्से को दोबारा धूप में न ले जाना काफी है.

असली फर्क तब पड़ता है जब यह देखभाल आदत बन जाए, न कि सिर्फ तब हो जब त्वचा पहले से जल चुकी हो. SuperLiving पर 20+ कोच हिंदी और हिंग्लिश में आपकी दिनचर्या, धूप में बाहर रहने के समय और त्वचा की देखभाल के हिसाब से छोटे कदम तय करते हैं, ताकि यह जानकारी सिर्फ एक और लेख न रहकर रोज़ निभाने लायक आदत बने.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सनबर्न होने के तुरंत बाद सबसे पहला काम क्या करना चाहिए? जितनी जल्दी हो सके धूप से हट जाइए और त्वचा को ठंडा करना शुरू कीजिए. ठंडे, बर्फ जितने ठंडे नहीं, पानी से नहाइए या गीले कपड़े से त्वचा को धीरे धीरे थपथपाइए. इसके बाद त्वचा हल्की नम रहते हुए ही कोई सादा, बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइज़र या एलोवेरा जेल लगाइए. साथ में पानी और नमक चीनी का घोल पीना शुरू कीजिए, क्योंकि सनबर्न त्वचा के साथ साथ शरीर से पानी भी खींच लेता है.

क्या बर्फ सीधे त्वचा पर रगड़ना ठीक है? नहीं. बर्फ सीधे त्वचा पर रगड़ने से पहले से जली हुई परत को और नुकसान पहुंचता है. बर्फ को हमेशा किसी पतले सूती कपड़े में लपेटकर, और वह भी कुछ मिनट के लिए ही इस्तेमाल कीजिए. बेहतर तरीका है ठंडे पानी से नहाना या गीली पट्टी रखना, जिसमें तापमान इतना अचानक नहीं गिरता.

फफोले पड़ जाएं तो क्या करना चाहिए? फफोलों को खुद से मत फोड़िए. फफोले असल में त्वचा की एक सुरक्षा परत हैं जो नीचे की नई त्वचा को संक्रमण से बचाती है. अगर फफोला अपने आप फूट जाए तो उस जगह को हल्के हाथों से साफ पानी से धोइए और सादा एंटीसेप्टिक क्रीम लगाकर ढीली पट्टी बांधिए. अगर फफोले चेहरे पर, बड़ी संख्या में, या शरीर के बड़े हिस्से पर हैं, तो डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है.

सनबर्न ठीक होने में आमतौर पर कितना समय लगता है? हल्के सनबर्न में लाली और गर्माहट दो से तीन दिन में कम होने लगती है, और त्वचा का हल्का छिलना पांच से सात दिन के आसपास शुरू हो सकता है, जो पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया है. ज़्यादा गहरे सनबर्न में, खासकर जहां फफोले बने हों, ठीक होने में दस से चौदह दिन तक लग सकते हैं.

क्या टूथपेस्ट या मक्खन लगाने से सनबर्न में आराम मिलता है? नहीं, और यह एक आम गलतफहमी है. टूथपेस्ट में मौजूद तत्व जली हुई त्वचा पर जलन और बढ़ा सकते हैं. मक्खन, घी या तेल जैसी चिकनाई वाली चीज़ें त्वचा के ऊपर एक परत बना देती हैं जो गर्मी को अंदर ही रोक लेती है. इनकी जगह सादा, हल्का और बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइज़र या एलोवेरा जेल कहीं बेहतर काम करता है.

सनबर्न के बाद त्वचा का रंग गहरा या असमान रह जाए तो क्या यह स्थायी है? ज़्यादातर मामलों में नहीं. यह त्वचा की सूजन की प्रतिक्रिया है और आमतौर पर हफ्तों से लेकर कुछ महीनों में अपने आप हल्की हो जाती है, बशर्ते उस दौरान त्वचा को और धूप से बचाया जाए. अगर दाग बहुत गहरे हैं या कई महीनों बाद भी वैसे ही हैं, तो त्वचा विशेषज्ञ से मिलना ठीक रहेगा.

SuperLiving जीवनशैली और वेलनेस सहायता देता है और यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है. अगर बुखार, बड़े फफोले, असहनीय दर्द, मवाद या बदबू, या किसी बच्चे या बुज़ुर्ग में गंभीर सनबर्न जैसी स्थिति दिखे, तो कृपया योग्य डॉक्टर से सलाह लें. यहां बताए गए घरेलू उपाय हल्के सनबर्न के लिए हैं, गंभीर या फैली हुई जलन के लिए नहीं.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सनबर्न होने के तुरंत बाद सबसे पहला काम क्या करना चाहिए?+

जितनी जल्दी हो सके धूप से हट जाइए और त्वचा को ठंडा करना शुरू कीजिए. ठंडे, बर्फ जितने ठंडे नहीं, पानी से नहाइए या गीले कपड़े से त्वचा को धीरे धीरे थपथपाइए. इसके बाद त्वचा हल्की नम रहते हुए ही कोई सादा, बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइज़र या एलोवेरा जेल लगाइए. साथ में पानी और नमक चीनी का घोल पीना शुरू कीजिए, क्योंकि सनबर्न त्वचा के साथ साथ शरीर से पानी भी खींच लेता है. पहले चौबीस घंटे में जितनी जल्दी ठंडक और नमी मिलती है, जलन और सूजन उतनी ही कम बढ़ती है.

क्या बर्फ सीधे त्वचा पर रगड़ना ठीक है?+

नहीं. बर्फ सीधे त्वचा पर रगड़ने से पहले से जली हुई परत को और नुकसान पहुंचता है, कई बार जलन जैसी चोट बन जाती है जो असली सनबर्न से अलग और गहरी समस्या है. बर्फ को हमेशा किसी पतले सूती कपड़े में लपेटकर, और वह भी कुछ मिनट के लिए ही इस्तेमाल कीजिए. बेहतर तरीका है ठंडे पानी से नहाना या गीली पट्टी रखना, जिसमें तापमान इतना अचानक नहीं गिरता.

फफोले पड़ जाएं तो क्या करना चाहिए?+

फफोलों को खुद से मत फोड़िए. फफोले असल में त्वचा की एक सुरक्षा परत हैं जो नीचे की नई त्वचा को संक्रमण से बचाती है. अगर फफोला अपने आप फूट जाए तो उस जगह को हल्के हाथों से साफ पानी से धोइए और सादा एंटीसेप्टिक क्रीम लगाकर ढीली पट्टी बांधिए. अगर फफोले चेहरे पर, बड़ी संख्या में, या शरीर के बड़े हिस्से पर हैं, तो यह घरेलू देखभाल की सीमा से बाहर है और डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है.

सनबर्न ठीक होने में आमतौर पर कितना समय लगता है?+

हल्के सनबर्न में लाली और गर्माहट दो से तीन दिन में कम होने लगती है, और त्वचा का हल्का छिलना पांच से सात दिन के आसपास शुरू हो सकता है, जो पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया है. ज़्यादा गहरे सनबर्न में, खासकर जहां फफोले बने हों, ठीक होने में दस से चौदह दिन तक लग सकते हैं. इस दौरान त्वचा को खुजलाने या ज़बरदस्ती छिलके उतारने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे दाग या असमान रंगत रह सकती है.

क्या टूथपेस्ट या मक्खन लगाने से सनबर्न में आराम मिलता है?+

नहीं, और यह एक आम गलतफहमी है. टूथपेस्ट में मौजूद मेंथॉल या फ्लोराइड जैसे तत्व जली हुई त्वचा पर जलन और बढ़ा सकते हैं. मक्खन, घी या तेल जैसी चिकनाई वाली चीज़ें त्वचा के ऊपर एक परत बना देती हैं जो गर्मी को अंदर ही रोक लेती है, जिससे ठंडक की जगह जलन और बढ़ती है. इनकी जगह सादा, हल्का और बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइज़र या एलोवेरा जेल कहीं बेहतर काम करता है.

सनबर्न के बाद त्वचा का रंग गहरा या असमान रह जाए तो क्या यह स्थायी है?+

ज़्यादातर मामलों में नहीं. सनबर्न के बाद जो कालापन या असमान रंगत दिखती है, वह त्वचा की सूजन की प्रतिक्रिया है और आमतौर पर हफ्तों से लेकर कुछ महीनों में अपने आप हल्की हो जाती है, बशर्ते उस दौरान त्वचा को और धूप से बचाया जाए. अगर दाग बहुत गहरे हैं, कई महीनों बाद भी वैसे ही हैं, या सूजन के साथ त्वचा मोटी और सख्त लग रही है, तो यह जांचने के लिए त्वचा विशेषज्ञ से मिलना ठीक रहेगा.

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