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फ्रिज़ी बालों को कंट्रोल कैसे करें | Frizzy Baal Kaise Control Kare in Hindi

SuperLiving Expert Team·

फ्रिज़ी बालों को कंट्रोल कैसे करें | Frizzy Baal Kaise Control Kare in Hindi

छोटा जवाब

Frizzy baal ज़्यादातर किसी बीमारी या बड़े डैमेज की वजह से नहीं, बल्कि बालों की cuticle यानी सबसे ऊपरी परत के हवा की नमी सोखने की वजह से होते हैं। जब हवा में उमस ज़्यादा होती है, यह परत थोड़ी उठ जाती है और बाल फूले हुए, उलझे और बेतरतीब दिखने लगते हैं। इसका पूरा इलाज नहीं है क्योंकि नमी आपके control में नहीं है, लेकिन सही धुलाई, कंडीशनिंग, सुखाने का तरीका और रात की छोटी आदतें frizz को काफी हद तक कम कर सकती हैं। सबसे बड़ा फर्क चार चीज़ों से आता है: हल्का शैम्पू और सही मात्रा में कंडीशनर, गीले बालों को सही तरीके से सुखाना, सिरों पर हल्का तेल या सीरम, और रात में बालों को बिना खींचे बांधना।

Frizz होता क्यों है, असली वजह समझिए

बाल केराटिन नाम के प्रोटीन की परतों से बने होते हैं, और सबसे बाहरी परत को cuticle कहते हैं। Healthy बालों में यह परत चपटी और बंद रहती है, जिससे बाल चिकने और चमकदार दिखते हैं।

जब हवा में नमी बढ़ती है, यह cuticle थोड़ी खुल जाती है और बालों के अंदर मौजूद keratin नमी को सोख लेता है। बाल फूल जाते हैं, अपनी असली shape से बाहर निकल आते हैं, और आपस में उलझने लगते हैं। यही process frizz कहलाती है।

घुंघराले और wavy बालों में यह ज़्यादा दिखता है, क्योंकि उनकी cuticle सीधे बालों के मुकाबले थोड़ी ज़्यादा खुली रहती है। सीधे बालों में भी frizz हो सकता है, खासकर अगर वे रूखे हैं या पहले किसी केमिकल ट्रीटमेंट से गुज़र चुके हैं।

Frizz और पतले या झड़ते बाल, फर्क समझना ज़रूरी है

Frizz का मतलब बालों की बनावट या texture से जुड़ी बात है, यह बालों की मोटाई या घनत्व से अलग मुद्दा है। बालों को घना बनाने और उनकी मोटाई सुधारने से जुड़ी पूरी जानकारी हमने बालों को घना कैसे करें में विस्तार से दी है, वहां nutrition और hair fall के कारण अलग से cover किए गए हैं।

इसी तरह अगर बाल झड़ भी रहे हैं, तो frizz उसका कारण नहीं है, बल्कि दोनों समस्याएं अक्सर साथ में दिखती हैं क्योंकि दोनों के पीछे रूखापन और गलत hair care जैसी वजहें common होती हैं। दोनों समस्याओं को एक साथ मिलाकर देखने की गलती बचनी चाहिए, क्योंकि इलाज का तरीका थोड़ा अलग होता है।

भारत में frizz इतना common क्यों है

भारत के ज़्यादातर हिस्सों में साल के बड़े हिस्से में हवा में नमी ज़्यादा रहती है, खासकर मानसून और तटीय शहरों में। यही सबसे बड़ी वजह है कि यहां frizz की शिकायत इतनी आम है।

दूसरी वजह hard water है। कई शहरों में पानी में खनिज ज़्यादा होते हैं, जो बालों की सतह पर जमा होकर उन्हें रूखा और बेजान बना देते हैं, यह असर frizz जैसा ही दिखता है और अक्सर उसी में गिन लिया जाता है।

तीसरी वजह गर्मी और धूप है। तेज़ धूप में बाहर रहना बालों की नमी सुखा देता है, और रूखे बाल नम हवा में frizz होने के लिए ज़्यादा तैयार रहते हैं। चौथी वजह रोज़ की heat styling और बार बार चलने वाले hair dryer, straightener जैसे उपकरण हैं, जो cuticle को कमज़ोर करते हैं।

धोने का सही तरीका

रोज़ शैम्पू करना ज़्यादातर लोगों के लिए ज़रूरी नहीं है। Scalp का natural तेल बालों के लिए एक सुरक्षा परत का काम करता है, और उसे बार बार धोकर हटाने से बाल और रूखे होकर ज़्यादा frizzy हो जाते हैं। हफ्ते में दो से तीन बार हल्का, moisturizing शैम्पू ज़्यादातर बालों के लिए काफी है।

पानी का तापमान भी मायने रखता है। बहुत गरम पानी cuticle को खोल देता है, जबकि ठंडा या गुनगुना पानी उसे बंद रखने में मदद करता है। आखिरी rinse ठंडे पानी से करना एक छोटी लेकिन असरदार आदत है।

शैम्पू सिर्फ scalp पर लगाइए, लंबाई और सिरों पर नहीं। बहते हुए झाग से ही बाकी बाल साफ हो जाते हैं, और इससे सिरों की नमी बची रहती है जो वैसे भी सबसे ज़्यादा रूखे होते हैं।

कंडीशनर और नमी लॉक करने का तरीका

कंडीशनर frizz control में शैम्पू से भी ज़्यादा भूमिका निभाता है। इसे जड़ों पर नहीं, बल्कि लंबाई के बीच से लेकर सिरों तक लगाइए, क्योंकि जड़ों पर लगाने से scalp चिपचिपा हो जाता है।

कंडीशनर को कम से कम दो से तीन मिनट बालों पर रहने दीजिए, फिर धो लीजिए। हफ्ते में एक बार गाढ़ा hair mask या deep conditioning treatment रूखे और frizzy बालों के लिए खास फायदेमंद है।

नहाने के तुरंत बाद, जब बाल अभी भी हल्के गीले हों, एक छोटी मात्रा में leave-in conditioner या हल्का सीरम लगाना नमी को अंदर बंद करने में मदद करता है। यह वह step है जो ज़्यादातर लोग छोड़ देते हैं, जबकि यही frizz control का सबसे असरदार हिस्सा है।

सुखाने का तरीका, जहां सबसे ज़्यादा गलती होती है

गीले बाल सबसे कमज़ोर होते हैं, इसलिए तौलिये से ज़ोर से रगड़ना सबसे बड़ी गलती है। इससे cuticle को नुकसान पहुंचता है और frizz बढ़ जाता है। इसकी जगह पुरानी सूती टी-शर्ट या माइक्रोफाइबर तौलिये से हल्के से थपथपाकर अतिरिक्त पानी निकालिए।

गीले बालों में कभी कंघी मत कीजिए, बल्कि चौड़े दांत वाली कंघी या उंगलियों से हल्के हाथ से सुलझाइए, नीचे से शुरू करके ऊपर की तरफ। बाल पूरी तरह सूखने के बाद ब्रश करने से बचना बेहतर है, क्योंकि इससे बाल फिर से फूल जाते हैं।

अगर hair dryer इस्तेमाल करना ही हो, तो diffuser attachment और medium heat पर, बालों से थोड़ी दूरी बनाकर सुखाइए। हवा में प्राकृतिक रूप से सुखाना सबसे सुरक्षित तरीका है, बस इसके लिए समय चाहिए।

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रात की देखभाल, एक छोटी आदत जो बड़ा फर्क डालती है

रात को cotton तकिए पर सोने से बालों की नमी रात भर में सूती कपड़े में सोख ली जाती है, जिससे सुबह बाल ज़्यादा frizzy दिखते हैं। Silk या satin का तकिया या दुपट्टा इस घर्षण को कम करता है और नमी को बालों में बनाए रखता है।

सोने से पहले बालों को बहुत ढीली चोटी या ढीले bun में बांधना उन्हें रातभर के घर्षण और उलझने से बचाता है। बहुत टाइट बांधना उल्टा नुकसान करता है, क्योंकि इससे जड़ों पर खिंचाव पड़ता है।

डाइट का रोल, धीमा लेकिन असली

बाहरी नमी जितना ही, अंदर से मिलने वाला पोषण भी बालों की सेहत तय करता है। Protein की कमी बालों को रूखा बना सकती है, और रूखे बाल नमी में ज़्यादा frizzy होते हैं। दाल, दूध, दही, अंडा और सोया जैसे स्रोत रोज़ की थाली में होने चाहिए।

Healthy fat, जैसे मुट्ठी भर मेवे या बीज, बालों की चिकनाई बनाए रखते हैं, और पानी की सही मात्रा भी बालों की नमी पर असर डालती है। किसी एक supplement के पीछे भागने से बेहतर है कि यह बुनियादी चीज़ें लगातार बनी रहें।

जो काम नहीं करता

पहला, heavy silicone वाले प्रोडक्ट रोज़ इस्तेमाल करना। ये कुछ घंटों के लिए बाल चिकने दिखाते हैं, पर नमी को coat करके छिपाते हैं, ठीक नहीं करते, और लगातार इस्तेमाल से बाल भारी हो जाते हैं।

दूसरा, सूखे बालों में बार बार ब्रश करना। इससे cuticle उठती है और frizz बढ़ता है।

तीसरा, बहुत गरम पानी से बाल धोना। यह नमी छीनकर उल्टा असर करता है।

चौथा, महंगे प्रोडक्ट बदलते रहना। बालों को किसी रूटीन पर स्थिर होने में कुछ हफ्ते लगते हैं, बार बार बदलाव से फर्क समझ नहीं आता।

पांचवां, frizz को पूरी तरह खत्म करने की उम्मीद रखना। नमी वाले मौसम में कुछ frizz सामान्य है, लक्ष्य मैनेज करना है, पूरी तरह मिटाना नहीं।

तीन हफ्ते का आसान प्लान

पहला हफ्ता, धुलाई ठीक कीजिए। हफ्ते में दो से तीन बार हल्का शैम्पू, कंडीशनर सिर्फ लंबाई और सिरों पर, आखिरी rinse ठंडे पानी से। कोई नया प्रोडक्ट अभी मत जोड़िए।

दूसरा हफ्ता, सुखाने का तरीका बदलिए। तौलिये से रगड़ना बंद कीजिए, सूती टी-शर्ट या माइक्रोफाइबर तौलिये से थपथपाइए, और बाल पूरी तरह सूखने के बाद ब्रश करना बंद कीजिए।

तीसरा हफ्ता, रात की आदत जोड़िए। Silk तकिया या ढीली चोटी बांधकर सोइए, और सिरों पर हल्का तेल या सीरम रोज़ लगाना शुरू कीजिए।

नापने का तरीका: हर हफ्ते एक जैसी रोशनी में एक फोटो लीजिए। बालों में बदलाव आईने में रोज़ नहीं दिखता, फोटो में तुलना करने पर दिखता है।

कब doctor या dermatologist से मिलना ज़रूरी है

अगर frizz के साथ बाल बहुत ज़्यादा टूट रहे हैं, अगर scalp में लगातार खुजली, जलन या रूसी बनी हुई है, अगर बालों की बनावट अचानक और बिना किसी वजह के पूरी तरह बदल गई है, या अगर इसके साथ थकान, वजन में बदलाव या periods की गड़बड़ी भी है, तो यह सिर्फ घरेलू देखभाल का मामला नहीं है। ऐसी स्थिति में त्वचा और बाल रोग विशेषज्ञ से मिलना सही कदम है।

बालों और त्वचा की सेहत का गहरा संबंध है, इसलिए अगर आप चेहरे की रंगत और ग्लो पर भी काम करना चाहते हैं, तो चेहरे की रंगत निखारने के घरेलू उपाय पढ़ना भी उपयोगी रहेगा, क्योंकि दोनों की देखभाल में नींद, पानी और डाइट का रोल एक जैसा है।

मिलाकर बात यह है

Frizzy baal किसी बड़ी बीमारी का संकेत नहीं हैं, यह ज़्यादातर हवा की नमी और cuticle के खुलने का साधारण असर है। इसे पूरी तरह मिटाया नहीं जा सकता, लेकिन सही धुलाई, सही कंडीशनिंग, सही सुखाने का तरीका और रात की छोटी आदतों से इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है।

मुश्किल हिस्सा जानकारी नहीं, इसे हफ्ते दर हफ्ते निभाना है। SuperLiving पर 20+ कोच हिंदी और हिंग्लिश में आपकी दिनचर्या, आपके बालों और आपकी थाली के हिसाब से छोटे कदम तय करते हैं, ताकि यह एक और लंबी सूची नहीं बल्कि रोज़ निभाने लायक तरीका बने।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

फ्रिज़ी बाल होने का मतलब क्या यह है कि बाल डैमेज हैं? हमेशा नहीं। Frizz ज़्यादातर बालों की सबसे ऊपरी परत, यानी cuticle, के थोड़ा उठ जाने की वजह से होता है, जिससे हवा की नमी अंदर घुस जाती है और बाल फूले हुए दिखते हैं। यह अकेले डैमेज का सबूत नहीं है, बहुत से पूरी तरह healthy बाल भी उमस में frizzy हो जाते हैं क्योंकि उनकी बनावट ही ऐसी होती है। लेकिन अगर frizz के साथ बाल बहुत रूखे लगते हैं या टूटते ज़्यादा हैं, तो nutrition और hair care जैसी वजहें भी देखनी चाहिए।

फ्रिज़ी बालों के लिए कैसा शैम्पू चुनें? कोई एक magic ब्रांड नहीं है, लेकिन बहुत strong, harsh sulphate वाला शैम्पू बालों की natural नमी छीन लेता है, जिससे बाल और ज़्यादा frizzy लगने लगते हैं। हल्के, moisturizing शैम्पू को हफ्ते में दो से तीन बार इस्तेमाल करना ज़्यादातर लोगों के लिए ठीक रहता है। रोज़ शैम्पू करना ज़रूरी नहीं है, बीच के दिनों में सिर्फ पानी से धोना काफी होता है।

क्या तेल लगाने से फ्रिज़ कम होता है? थोड़ा, लेकिन तेल पूरा समाधान नहीं है। नारियल, बादाम या हल्का सरसों का तेल बालों के सिरों को moisturize करता है और हवा की नमी सोखने से कुछ हद तक बचाता है। लेकिन जड़ों में बहुत ज़्यादा तेल लगाने से scalp चिपचिपा हो जाता है। सबसे बेहतर तरीका है कि तेल सिर्फ सिरों पर, बाल सूखने के बाद, कम मात्रा में लगाया जाए।

मानसून में बालों की खास देखभाल कैसे करें? बारिश के मौसम में हवा में नमी बहुत ज़्यादा होती है, इसलिए frizz सबसे ज़्यादा इसी मौसम में परेशान करता है। बाहर निकलने से पहले बालों को हल्के से बांधना, गीले बालों को खुला न छोड़ना और बारिश में भीगने के तुरंत बाद बालों को साफ पानी से धोकर सुखाना मदद करता है। इस मौसम में बहुत टाइट hairstyle से बचना बेहतर है, क्योंकि इससे टूटने का खतरा बढ़ जाता है।

क्या फ्रिज़ हमेशा के लिए ठीक हो सकता है? पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है, क्योंकि यह काफी हद तक बालों की बनावट और हवा की नमी पर निर्भर करता है, जिसे control नहीं किया जा सकता। लेकिन सही धुलाई, moisture लॉक करने की आदत और सही सुखाने के तरीके से frizz को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उम्मीद पूरी तरह सीधे बाल रखने की नहीं, बालों को healthy और कम उलझा हुआ रखने की होनी चाहिए।

क्या hard water भी फ्रिज़ बढ़ाता है? हां, और यह एक कम चर्चा में आने वाला कारण है। Hard water में मौजूद खनिज बालों की सतह पर जमा हो जाते हैं, जिससे बाल रूखे और उलझे हुए महसूस होते हैं, यह असर frizz जैसा ही दिखता है। जिन इलाकों में पानी hard है, वहां हफ्ते में एक बार clarifying शैम्पू का इस्तेमाल या नहाने के पानी के लिए साधारण फिल्टर लगाना मदद कर सकता है।

SuperLiving जीवनशैली और वेलनेस सहायता देता है और यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। अगर बालों का झड़ना अचानक और बहुत ज़्यादा हो, scalp में लगातार जलन या रूसी बनी रहे, या बालों की बनावट में बिना वजह अचानक बदलाव दिखे, तो कृपया योग्य त्वचा और बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

फ्रिज़ी बाल होने का मतलब क्या यह है कि बाल डैमेज हैं?+

हमेशा नहीं। Frizz ज़्यादातर बालों की सबसे ऊपरी परत, यानी cuticle, के थोड़ा उठ जाने की वजह से होता है, जिससे हवा की नमी अंदर घुस जाती है और बाल फूले हुए दिखते हैं। यह अकेले डैमेज का सबूत नहीं है, बहुत से पूरी तरह healthy बाल भी उमस में frizzy हो जाते हैं क्योंकि उनकी बनावट ही ऐसी होती है, खासकर घुंघराले और wavy बालों में। लेकिन अगर frizz के साथ बाल बहुत रूखे लगते हैं, टूटते ज़्यादा हैं या सिरे दोमुंहे हो रहे हैं, तो वहां nutrition, हीट स्टाइलिंग या केमिकल ट्रीटमेंट जैसी वजहें भी देखनी चाहिए।

फ्रिज़ी बालों के लिए कैसा शैम्पू चुनें?+

कोई एक magic ब्रांड नहीं है, लेकिन कुछ बातें common हैं। बहुत strong, harsh sulphate वाला शैम्पू बालों की natural नमी छीन लेता है, जिससे धोने के तुरंत बाद बाल और ज़्यादा frizzy लगने लगते हैं। हल्के, moisturizing शैम्पू को हफ्ते में दो से तीन बार इस्तेमाल करना ज़्यादातर लोगों के लिए ठीक रहता है। रोज़ शैम्पू करना ज़रूरी नहीं है, बल्कि scalp का तेल बालों के लिए एक natural conditioner का काम करता है, इसलिए बीच के दिनों में सिर्फ पानी से धोना काफी होता है।

क्या तेल लगाने से फ्रिज़ कम होता है?+

थोड़ा, लेकिन तेल frizz का पूरा समाधान नहीं है। नारियल, बादाम या हल्का सरसों का तेल बालों के सिरों को moisturize करता है और उन्हें हवा की नमी सोखने से कुछ हद तक बचाता है। लेकिन जड़ों में बहुत ज़्यादा तेल लगाने से scalp चिपचिपा हो जाता है और बाल चपटे दिखने लगते हैं। सबसे बेहतर तरीका है कि तेल या हल्का सीरम सिर्फ सिरों पर, बाल सूखने के बाद, बहुत कम मात्रा में लगाया जाए।

मानसून में बालों की खास देखभाल कैसे करें?+

बारिश के मौसम में हवा में नमी बहुत ज़्यादा होती है, इसलिए frizz सबसे ज़्यादा इसी मौसम में परेशान करता है। इस दौरान बाहर निकलने से पहले बालों को हल्के से बांधना, गीले बालों को खुला न छोड़ना और बारिश में भीगने के तुरंत बाद बालों को साफ पानी से धोकर सुखाना मदद करता है, क्योंकि बारिश के पानी में मौजूद प्रदूषण और गंदगी scalp को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साथ ही इस मौसम में बाल थोड़े ज़्यादा गीले और भारी रहते हैं, इसलिए बहुत टाइट hairstyle से बचना बेहतर है, क्योंकि इससे टूटने का खतरा बढ़ जाता है।

क्या फ्रिज़ हमेशा के लिए ठीक हो सकता है?+

पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है, क्योंकि यह काफी हद तक बालों की बनावट और हवा की नमी पर निर्भर करता है, और नमी को आप control नहीं कर सकते। लेकिन सही धुलाई, moisture लॉक करने की आदत और सही सुखाने के तरीके से frizz को काफी हद तक कम और manage किया जा सकता है। उम्मीद पूरी तरह सीधे, चमकदार बाल रखने की नहीं, बल्कि बालों को healthy और कम उलझा हुआ रखने की होनी चाहिए, यह लक्ष्य ज़्यादा असली और हासिल करने लायक है।

क्या hard water भी फ्रिज़ बढ़ाता है?+

हां, और यह एक कम चर्चा में आने वाला कारण है। Hard water में मौजूद खनिज बालों की सतह पर जमा हो जाते हैं, जिससे बाल रूखे, बेजान और उलझे हुए महसूस होते हैं, यह असर frizz जैसा ही दिखता है। जिन इलाकों में पानी hard है, वहां हफ्ते में एक बार clarifying शैम्पू का इस्तेमाल या नहाने के पानी के लिए साधारण फिल्टर लगाना मदद कर सकता है। यह छोटा बदलाव अक्सर महंगे प्रोडक्ट से ज़्यादा फर्क डालता है।

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