ऑयली स्कैल्प और बाल झड़ने का कनेक्शन: असली वजह, सही देखभाल और कब डॉक्टर से मिलें

SuperLiving Expert Team·

ऑयली स्कैल्प और बाल झड़ने का कनेक्शन: असली वजह, सही देखभाल और कब डॉक्टर से मिलें

अगर आपकी स्कैल्प एक दिन धोने के बाद भी दूसरे ही दिन चिपचिपी लगने लगती है, कंघी में सामान्य से ज़्यादा बाल दिखते हैं, और बाल जड़ से ही चिपटे हुए से महसूस होते हैं, तो ऑयली स्कैल्प और बाल झड़ना अक्सर एक साथ आने वाली समस्या है, अलग अलग नहीं.

इसकी वजह सीधी है. स्कैल्प पर बनने वाला तेल, जिसे सीबम कहते हैं, बालों की जड़ के आसपास जमा होकर धूल, पसीना और dead skin के साथ मिल जाता है. यह जमाव रोम छिद्र को घेरता है, जड़ को कमज़ोर करता है और खुजली बढ़ाता है, और खुजलाने से बाल टूटते हैं. अच्छी बात यह है कि इस पूरे चक्र को सही सफाई, सही उत्पाद और सही आदतों से काफी हद तक शांत किया जा सकता है, बिना महंगे इलाज के.

ऑयली स्कैल्प और बाल झड़ने का असली रिश्ता क्या है

ज़्यादातर लोग मानते हैं कि तेल बालों के लिए अच्छा होता है, और एक हद तक यह सही भी है. थोड़ा सीबम बालों को नमी देता है और टूटने से बचाता है. दिक्कत तब शुरू होती है जब यह तेल ज़रूरत से बहुत ज़्यादा बनने लगे.

जब सीबम ग्लैंड ज़्यादा active हो जाते हैं, तो तेल सिर्फ बालों की लंबाई पर नहीं, जड़ के बिलकुल पास भी जमा होता है. यहीं पर रोज़ की धूल, पसीना और स्कैल्प की ऊपरी मरी हुई परत भी चिपक जाती है. यह मिलाजुला जमाव रोम छिद्र के मुँह को धीरे धीरे संकरा कर देता है, जिससे जड़ को ठीक से सांस लेने और पोषण पाने में दिक्कत होती है.

इसका दूसरा असर खुजली है. जमा हुआ तेल और उस पर पलने वाला natural scalp yeast मिलकर खुजली और हल्की जलन पैदा करते हैं. ज़्यादातर लोग बिना सोचे बार बार स्कैल्प को नाखूनों से खुजलाते हैं, और यही आदत बालों को जड़ के पास से तोड़ देती है. यानी असली "झड़ना" कई बार टूटना होता है, पर दिखने में फर्क महसूस नहीं होता, तकिए पर और कंघी में बाल बढ़े हुए ही लगते हैं.

तीसरा हिस्सा कम समझा जाता है. लगातार ऑयली और सूजी हुई स्कैल्प बालों के बढ़ने के चक्र के लिए अच्छा माहौल नहीं होती. जब जड़ के आसपास बार बार जलन और जमाव रहता है, तो नए बाल पहले जैसे मोटे और मज़बूत उगने में समय लेते हैं, जिससे बाल धीरे धीरे पतले भी महसूस हो सकते हैं.

इस पूरे चक्र की एक और परत है जिस पर कम बात होती है, और वह है स्कैल्प का माइक्रोबायोम. हमारी स्कैल्प पर कई तरह के सूक्ष्म जीव natural रूप से रहते हैं, और इनका एक संतुलन बना रहता है जब तक तेल और नमी सामान्य स्तर पर हों. जैसे ही तेल बहुत ज़्यादा बढ़ता है, कुछ खास प्रकार के yeast और बैक्टीरिया को ज़्यादा खुराक मिलने लगती है, और यह संतुलन बिगड़ जाता है. इसी बिगड़े संतुलन का नतीजा होता है लगातार खुजली, हल्की जलन और कभी कभी हल्की दुर्गंध भी, जो सिर्फ धोने से तुरंत नहीं जाती क्योंकि अंदर का असली कारण बना रहता है.

यह समझना ज़रूरी है कि यह कोई अचानक आई समस्या नहीं है, बल्कि हफ्तों में धीरे धीरे बनती है, इसलिए इसका हल भी एक दिन का नहीं, लगातार छोटी आदतों का नतीजा होता है.

यह समस्या क्यों बढ़ती है

सीबम बनना शरीर का सामान्य काम है, पर कुछ चीज़ें इसे ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ा देती हैं.

हार्मोन में बदलाव. Periods के आसपास, तनाव के दौर में या किशोरावस्था में हार्मोन का स्तर बदलता है, और इसका सीधा असर सीबम ग्लैंड की activity पर पड़ता है. यही वजह है कि कुछ दिनों में स्कैल्प अचानक ज़्यादा ऑयली महसूस होती है, बिना किसी नई आदत के भी.

मौसम और उमस. गर्मी और उमस वाले महीनों में तेल और पसीना दोनों बढ़ जाते हैं, और स्कैल्प को सांस लेने का मौका कम मिलता है. ठीक इसी वजह से बहुत से लोगों को गर्मियों में बाल ज़्यादा झड़ते महसूस होते हैं.

गलत धोने की आदत. कुछ लोग यह सोचकर बाल कम धोते हैं कि धोने से तेल और बढ़ेगा, जबकि होता इसका उल्टा है. जमा हुआ तेल ही असली समस्या है, इसलिए उसे ना हटाना जमाव को और बढ़ाता है.

भारी product और बार बार तेल लगाना. स्कैल्प पर सीधे भारी तेल, क्रीम या सीरम की मोटी परत लगाकर घंटों छोड़ देना, या बहुत सारे product एक साथ इस्तेमाल करना, रोम छिद्र को और बंद कर देता है.

तकिए का कवर और हेलमेट. बिना धुला तकिया रोज़ रात स्कैल्प पर पुराना तेल और बैक्टीरिया वापस रगड़ता है. इसी तरह लंबे समय हेलमेट या कसी हुई टोपी पहनने से स्कैल्प पसीने और गर्मी में बंद रहती है.

खानपान और नींद की कमी. बहुत ज़्यादा तला हुआ, मीठा और processed खाना शरीर में सूजन बढ़ा सकता है, और अधूरी नींद हार्मोन के संतुलन को बिगाड़ती है. दोनों मिलकर सीबम बनने की रफ्तार तेज़ कर सकते हैं.

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ऑयली स्कैल्प को control करने के सही तरीके

अब बात उन तरीकों की जो सच में फर्क डालते हैं, बिना स्कैल्प को और नुकसान पहुँचाए.

धोने की सही frequency. ऑयली स्कैल्प के लिए रोज़ या एक दिन छोड़कर धोना आमतौर पर ठीक रहता है, बशर्ते shampoo हल्का हो और पानी गुनगुना हो, बहुत गरम नहीं. डरकर धोना बंद करना हालत को बेहतर नहीं, बिगाड़ता है.

उंगलियों से मसाज, नाखूनों से नहीं. Shampoo लगाते समय उंगलियों के पोरों से हल्के गोल घुमाव में मसाज कीजिए. इससे जमाव ढीला होकर निकलता है, और नाखूनों से खुजलाने से होने वाले छोटे घाव भी बचते हैं.

Conditioner सिर्फ लंबाई पर. Conditioner या hair mask स्कैल्प पर नहीं, सिर्फ बालों के बीच से नीचे के हिस्से पर लगाइए. स्कैल्प पर लगाने से रोम छिद्र फिर से बंद हो सकते हैं.

तेल का इस्तेमाल सोच समझकर. अगर स्कैल्प पहले से ऑयली है, तो उस पर भारी तेल की परत लगाकर रातभर छोड़ना टालिए. ज़रूरत लगे तो बहुत कम मात्रा में, कुछ समय के लिए लगाकर ठीक से धो लीजिए.

साफ़ कंघी और तकिए का कवर. कंघी को हफ्ते में एक बार साफ़ पानी से धो लीजिए, और तकिए का कवर नियमित रूप से बदलते रहिए. ये छोटी आदतें तेल और बैक्टीरिया के दोबारा जमने को रोकती हैं.

खानपान और नींद पर ध्यान. तला हुआ और मीठा खाना थोड़ा कम कीजिए, पानी पूरी मात्रा में पीजिए, और नींद को गंभीरता से लीजिए. ये सीधे स्कैल्प पर नहीं दिखते, पर अंदर से सीबम का संतुलन बनाने में मदद करते हैं.

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जो गलतियां हालत बिगाड़ देती हैं

कुछ आम आदतें असल में समस्या को शांत करने के बजाय बढ़ा देती हैं.

पहला, डर के मारे बाल धोना बंद कर देना. इससे जमा तेल और ज़्यादा इकट्ठा होता है.

दूसरा, स्कैल्प पर भारी तेल लगाकर घंटों छोड़ देना, यह सोचकर कि इससे जड़ मज़बूत होगी. ऑयली स्कैल्प पर यह अक्सर उल्टा असर करता है.

तीसरा, बार बार नया shampoo या नया नुस्खा बदलते रहना. किसी भी बदलाव को असर दिखाने में कम से कम दो से तीन हफ्ते चाहिए होते हैं.

चौथा, नाखूनों से स्कैल्प को ज़ोर से खुजलाना या रगड़ना. इससे छोटे घाव बनते हैं जो जलन और टूटन दोनों बढ़ाते हैं.

पांचवां, सिर्फ स्कैल्प के तेल को वजह मानकर बाकी कारणों को नज़रअंदाज़ करना. बाकी वजहें समझने के लिए बाल झड़ना कैसे रोकें एक अच्छा अगला कदम है.

आसान दो हफ्ते का प्लान

पहला हफ्ता. धोने की frequency तय कीजिए, रोज़ या एक दिन छोड़कर, और shampoo लगाते समय उंगलियों से मसाज की आदत डालिए. इसी हफ्ते कंघी और तकिए का कवर साफ़ कर लीजिए.

दूसरा हफ्ता. भारी तेल और ज़्यादा product लगाना रोक दीजिए, conditioner सिर्फ बालों की लंबाई पर इस्तेमाल कीजिए, और खाने में तला हुआ थोड़ा कम करके पानी की मात्रा बढ़ाइए.

नापने का तरीका. हर तीसरे दिन स्कैल्प की चिपचिपाहट और खुजली को दस में से नंबर दीजिए, और हफ्ते में एक बार कंघी में फंसे बालों को गिनने की कोशिश कीजिए. स्कैल्प का हल्कापन दो तीन हफ्ते में दिखना शुरू होता है, बाल झड़ने में कमी को आठ से बारह हफ्ते का समय दीजिए.

कब डॉक्टर या dermatologist से मिलना ज़रूरी है

अगर सही देखभाल के दो से तीन महीने बाद भी बाल झड़ना कम नहीं हो रहा, अगर स्कैल्प पर लाल चकत्ते, दर्द वाली गांठें या पपड़ी बन रही है, अगर किसी एक जगह से गंजापन साफ़ दिखने लगा है, या अगर बालों के झड़ने के साथ अचानक वजन में बदलाव, थकान या पीरियड्स में गड़बड़ी भी है, तो यह सिर्फ ऑयली स्कैल्प का मामला नहीं हो सकता. ऐसी स्थिति में हार्मोन, थायराइड या किसी और स्थिति की जांच ज़रूरी हो जाती है, और यह फैसला सिर्फ डॉक्टर ही सही तरीके से ले सकते हैं. थायराइड और वजन का कनेक्शन देखकर समझा जा सकता है कि हार्मोन का असर शरीर में कितनी दूर तक जाता है.

अगर डैंड्रफ जैसी flakes भी दिख रही हैं, तो उसे अलग से समझना फायदेमंद रहेगा, क्योंकि डैंड्रफ कैसे हटाएं में दोनों समस्याओं के फर्क और सही देखभाल को विस्तार से बताया गया है.

मिलाकर बात यह है

ऑयली स्कैल्प और बाल झड़ना अक्सर एक दूसरे से जुड़े ज़रूर हैं, पर यह कोई असाध्य समस्या नहीं है. ज़्यादातर मामलों में सही frequency से धोना, हल्के हाथ से सफाई, तेल का सोच समझकर इस्तेमाल और साफ़ सफाई वाली छोटी आदतें ही बड़ा फर्क ला देती हैं. किसी महंगे product या जल्दी नतीजे के दावे की ज़रूरत नहीं, ज़रूरत है नियमितता की.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ऑयली स्कैल्प की वजह से सच में बाल झड़ते हैं? सीधा और इकलौता कारण नहीं, पर एक बड़ा योगदान देने वाला factor ज़रूर है. जब स्कैल्प पर तेल बहुत ज़्यादा जमा होने लगता है, तो वह बालों की जड़ के आसपास के रोम छिद्र को घेर लेता है, वहाँ धूल, पसीना और dead skin भी चिपक जाती है, और यह मिला हुआ जमाव जड़ को कमज़ोर कर देता है. इसके साथ अक्सर खुजली भी आती है, और बार बार स्कैल्प खुजलाने से बाल टूटते हैं, झड़ते नहीं, पर दिखने में फर्क नहीं लगता.

रोज़ बाल धोना ऑयली स्कैल्प के लिए सही है या नुकसान करता है? ऑयली स्कैल्प के लिए रोज़ धोना डरने वाली बात नहीं, बल्कि अक्सर ज़रूरी होता है. जमा हुआ तेल ही असली समस्या है, इसलिए उसे नियमित रूप से हटाना फायदा करता है, नुकसान नहीं. दिक्कत तब आती है जब पानी बहुत गरम हो या shampoo बहुत कड़ा हो. सही तरीका है गुनगुना पानी, हल्के हाथ से सफाई और एक माइल्ड shampoo.

क्या बालों में तेल लगाना ऑयली स्कैल्प वालों के लिए ठीक है? यहाँ सावधानी ज़रूरी है. जिस स्कैल्प पर पहले से तेल बहुत ज़्यादा बन रहा हो, वहाँ ऊपर से भारी तेल की मोटी परत लगाकर घंटों या रातभर छोड़ देना अक्सर हालत बिगाड़ता है. अगर बालों की लंबाई dry लगती है, तो सिर्फ बालों के बीच से नीचे के हिस्से में थोड़ा तेल लगाया जा सकता है, स्कैल्प को छुए बिना.

डैंड्रफ और ऑयली स्कैल्प से बाल झड़ना, क्या दोनों एक ही बात है? बिलकुल नहीं, पर दोनों आसानी से साथ मिल जाते हैं और एक दूसरे को बढ़ा सकते हैं. डैंड्रफ एक scalp yeast और तेज़ी से झड़ती skin से जुड़ी समस्या है, जबकि ऑयली स्कैल्प से बाल झड़ना सिर्फ ज़्यादा सीबम और जमाव की वजह से होता है. अगर आपको दोनों लक्षण हैं तो सिर्फ एक पर काम करने से पूरा फर्क नहीं पड़ेगा.

हार्मोन और डाइट का इसमें कितना रोल है? काफी रोल है, खास तौर पर उन दिनों में जब शरीर में हार्मोन बदलते हैं, जैसे periods के आसपास, तनाव के दौर में या कुछ दवाओं के साथ. ज़्यादा तेल वाला, मीठा और भारी तला हुआ खाना भी शरीर में सूजन और सीबम बनने की प्रक्रिया को बढ़ा सकता है. यह अकेला कारण नहीं है, पर असंतुलित खानपान समस्या को और बढ़ा देता है.

कितने समय में फर्क दिखना शुरू होता है? ज़्यादातर लोगों को स्कैल्प का हल्कापन और कम खुजली दो से तीन हफ्तों में महसूस होने लगती है. बाल झड़ने में कमी दिखने में ज़्यादा समय लगता है, आमतौर पर आठ से बारह हफ्ते, क्योंकि बालों के बढ़ने का चक्र धीरे चलता है. अगर तीन महीने की ईमानदार कोशिश के बाद भी कोई फर्क नहीं दिखता, तो जांच ज़रूरी हो जाती है.

SuperLiving जीवनशैली और वेलनेस सहायता देता है और यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है. अगर स्कैल्प पर लाल चकत्ते, दर्द, पपड़ी, किसी एक जगह से साफ़ गंजापन, या बाल झड़ने के साथ थकान, वजन में बदलाव या पीरियड्स में गड़बड़ी जैसे लक्षण भी दिखें, तो कृपया योग्य डॉक्टर या dermatologist से सलाह लें. इस लेख में बताई गई कोई भी बात किसी जांच या डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं लेती.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ऑयली स्कैल्प की वजह से सच में बाल झड़ते हैं?+

सीधा और इकलौता कारण नहीं, पर एक बड़ा योगदान देने वाला factor ज़रूर है. जब स्कैल्प पर तेल बहुत ज़्यादा जमा होने लगता है, तो वह बालों की जड़ के आसपास के रोम छिद्र को घेर लेता है, वहाँ धूल, पसीना और dead skin भी चिपक जाती है, और यह मिला हुआ जमाव जड़ को कमज़ोर कर देता है. इसके साथ अक्सर खुजली भी आती है, और बार बार स्कैल्प खुजलाने से बाल टूटते हैं, झड़ते नहीं, पर दिखने में फर्क नहीं लगता. यही वजह है कि ऑयली स्कैल्प वालों को लगता है कि बाल बहुत झड़ रहे हैं, जबकि असल समस्या जड़ की कमज़ोरी और टूटना दोनों का मिलाजुला असर होता है.

रोज़ बाल धोना ऑयली स्कैल्प के लिए सही है या नुकसान करता है?+

ऑयली स्कैल्प के लिए रोज़ धोना डरने वाली बात नहीं, बल्कि अक्सर ज़रूरी होता है. जमा हुआ तेल ही असली समस्या है, इसलिए उसे नियमित रूप से हटाना फायदा करता है, नुकसान नहीं. दिक्कत तब आती है जब पानी बहुत गरम हो या shampoo बहुत कड़ा हो, क्योंकि इससे स्कैल्प की ऊपरी परत को बार बार नुकसान पहुँचता है और वह जवाब में और ज़्यादा तेल बनाने लगती है. सही तरीका है गुनगुना पानी, हल्के हाथ से सफाई और एक माइल्ड shampoo, ना कि धोना पूरी तरह बंद कर देना.

क्या बालों में तेल लगाना ऑयली स्कैल्प वालों के लिए ठीक है?+

यहाँ सावधानी ज़रूरी है. जिस स्कैल्प पर पहले से तेल बहुत ज़्यादा बन रहा हो, वहाँ ऊपर से भारी तेल की मोटी परत लगाकर घंटों या रातभर छोड़ देना अक्सर हालत बिगाड़ता है, क्योंकि इससे रोम छिद्र और ज़्यादा बंद होते हैं. अगर बालों की लंबाई dry लगती है, तो सिर्फ बालों के बीच से नीचे के हिस्से में थोड़ा तेल लगाया जा सकता है, स्कैल्प को छुए बिना. स्कैल्प पर तेल लगाना है या नहीं, यह ज़्यादातर उसकी असली हालत पर निर्भर करता है, एक ही सलाह सबके लिए सही नहीं होती.

डैंड्रफ और ऑयली स्कैल्प से बाल झड़ना, क्या दोनों एक ही बात है?+

बिलकुल नहीं, पर दोनों आसानी से साथ मिल जाते हैं और एक दूसरे को बढ़ा सकते हैं. डैंड्रफ एक scalp yeast और तेज़ी से झड़ती skin से जुड़ी समस्या है, जबकि ऑयली स्कैल्प से बाल झड़ना सिर्फ ज़्यादा सीबम और जमाव की वजह से होता है. पर ज़्यादा तेल डैंड्रफ वाले yeast को भी खुराक देता है, इसलिए बहुत से लोगों में ये दोनों साथ दिखते हैं. अगर आपको दोनों लक्षण हैं तो सिर्फ एक पर काम करने से पूरा फर्क नहीं पड़ेगा.

हार्मोन और डाइट का इसमें कितना रोल है?+

काफी रोल है, खास तौर पर उन दिनों में जब शरीर में हार्मोन बदलते हैं, जैसे periods के आसपास, तनाव के दौर में या कुछ दवाओं के साथ. ज़्यादा तेल वाला, मीठा और भारी तला हुआ खाना भी शरीर में सूजन और सीबम बनने की प्रक्रिया को बढ़ा सकता है. यह अकेला कारण नहीं है, पर जिनकी स्कैल्प पहले से ऑयली रहती है, उनके लिए असंतुलित खानपान समस्या को और बढ़ा देता है, इसलिए सिर्फ बाहरी देखभाल काफी नहीं होती.

कितने समय में फर्क दिखना शुरू होता है?+

ज़्यादातर लोगों को स्कैल्प का हल्कापन और कम खुजली दो से तीन हफ्तों में महसूस होने लगती है, क्योंकि यह सफाई और routine में बदलाव का सीधा असर है. बाल झड़ने में कमी दिखने में ज़्यादा समय लगता है, आमतौर पर आठ से बारह हफ्ते, क्योंकि बालों के बढ़ने का चक्र धीरे चलता है. अगर तीन महीने की ईमानदार कोशिश के बाद भी कोई फर्क नहीं दिखता, तो यह मान लेना कि वजह सिर्फ स्कैल्प का तेल है, गलत हो सकता है, वहाँ जांच ज़रूरी हो जाती है.

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