गुटखा छोड़ने के 10 असली तरीके
ये कोई जादुई नुस्खे नहीं हैं। ये वो practical तरीके हैं जो behavior बदलने पर आधारित हैं और दुनिया भर के de-addiction approaches में इस्तेमाल होते हैं।
1. एक असली quit date तय करें
"किसी दिन छोड़ दूंगा" कभी नहीं आता। कैलेंडर पर एक तारीख चुनें, अगले 3 से 7 दिन के भीतर, और उसे किसी अपने को बता दें। किसी को बता देना आपके इरादे को ज़्यादा पक्का कर देता है।
2. घर, गाड़ी, और जेब को खाली करें
quit date से पहले सारे packet फेंक दें, जमा किया हुआ stock भी। जो चीज़ हाथ के पास न हो, उसे खाना उतना ही मुश्किल हो जाता है। दुकानदार से भी कह दें कि अब आपको नहीं देना है।
3. अपने trigger पहचानें और plan बनाएं
एक कागज़ पर लिखें कि आप गुटखा कब-कब खाते हैं। खाने के बाद, चाय के साथ, tension में, गाड़ी में। हर trigger के लिए एक replacement तय करें। खाने के बाद तुरंत ब्रश या कुल्ला, चाय के साथ सौंफ, गाड़ी में सौंफ-इलायची का डिब्बा।
4. मुंह और हाथ को busy रखें
बहुत सी craving असल में nicotine नहीं, मुंह चलाने की आदत होती है। पास रखें सौंफ, इलायची, दालचीनी की स्टिक, भुना चना, गाजर, ककड़ी, या sugar-free च्युइंगम। हाथ के लिए एक पेन या rubber ball काम आता है।
5. craving को 5 मिनट का game बना लें
एक craving का असली peak सिर्फ 3 से 5 मिनट रहता है। जब आए, तो खुद से कहें कि सिर्फ अगले 5 मिनट निकालने हैं। पानी पिएं, कमरे से बाहर टहलें, किसी को call करें, या ठंडे पानी से मुंह धो लें। वो लहर अपने आप उतर जाती है।
6. खूब पानी और थोड़ी हरकत
पानी मुंह को busy रखता है और craving को हल्का करता है। दिन में थोड़ी-थोड़ी walk, हल्की stretching, या सीढ़ियां चढ़ना mood सुधारता है और बेचैनी कम करता है। शरीर को हिलाना दिमाग की खिंचाव को भी कम कर देता है।
7. एक दिल से निकला "क्यों" तय करें
"छोड़ना है" कमज़ोर मकसद है, इसे personal बनाइए।
- "मैं चाहता हूं मेरे बच्चे मुझे बीमार न देखें।"
- "हर महीने का ये पैसा मैं कहीं बेहतर लगाना चाहता हूं।"
- "मुझे अपने मुंह और अपनी सेहत की चिंता है।"
यह वजह उन पलों में काम आती है जब इरादा डगमगाता है। इसे मोबाइल में लिख कर रखें।
8. एक दिन at a time सोचें
"पूरी ज़िंदगी नहीं खाऊंगा" सोचकर anxiety बढ़ती है। बस आज का दिन बिना गुटखे के निकालना है, कल का कल देखेंगे। यह छोटा नज़रिया de-addiction programs में इसलिए इस्तेमाल होता है क्योंकि यह टूटते इरादे को संभालना आसान बना देता है।
9. किसी को साथ में लें
अकेले लड़ना सबसे कठिन है। एक दोस्त, भाई, या partner को बताएं। अगर आपके आसपास कोई और भी छोड़ना चाहता है, तो साथ में छोड़ना दोनों के लिए आसान हो जाता है। जो लोग रोज़ गुटखा offer करते हैं, उनसे साफ कह दें कि अब नहीं।
10. मदद लेना कमज़ोरी नहीं है
Counseling, de-addiction coaching, या tobacco quitline, ये सब tools हैं। जैसे किसी और बीमारी में मदद लेना समझदारी है, वैसे ही यहां भी। अगर मुंह में कोई तकलीफ है, तो dentist या doctor को दिखाना सबसे ज़रूरी कदम है।
मुंह की सेहत का ख्याल रखें
गुटखा और तंबाकू का सबसे बड़ा असर मुंह पर पड़ता है। छोड़ने का एक बड़ा फायदा यही है कि आगे का नुकसान रुक जाता है।
छोड़ने के दौरान अपने मुंह की थोड़ी extra देखभाल करें। दिन में दो बार ब्रश करें, खाने के बाद कुल्ला करें, और खूब पानी पिएं। अगर मुंह पूरा खुलने में दिक्कत हो, कोई सफेद या लाल दाग हो, छाला बार-बार लौटे, या कोई घाव न भरे, तो इसे टालें नहीं। जितनी जल्दी dentist या doctor को दिखाएंगे, उतना बेहतर। यह हिस्सा किसी भी उपाय से ज़्यादा ज़रूरी है।
अगर आप किसी और की मदद करना चाहते हैं
अगर आप यह किसी अपने के लिए पढ़ रहे हैं जो गुटखा छोड़ना चाहता है, तो आपका साथ बहुत मायने रखता है।
यह करें
- सुनें और judge न करें, "तुम कोशिश कर रहे हो, हम साथ हैं"
- छोटी जीत पर खुशी जताएं, "तीन दिन हो गए, ये बड़ी बात है"
- घर में गुटखा या पान मसाला रखना बंद कर दें
- उन्हें व्यस्त और खुश रखने वाले काम में साथ दें
यह न करें
- बार-बार ताना न मारें, "देखो फिर खा ली"
- emotional blackmail न करें
- हर गलती को बड़ा issue न बनाएं, एक slip पर support ज़्यादा ज़रूरी है
कब doctor या मदद की ज़रूरत है
यह हिस्सा skip मत कीजिए।
Doctor या professional से बात करें अगर:
- कई बार कोशिश के बाद भी छोड़ नहीं पा रहे
- मुंह में कोई दाग, गांठ, न भरने वाला घाव, या मुंह खुलने में दिक्कत है
- छोड़ने पर बहुत तेज़ चिड़चिड़ापन, नींद की गंभीर दिक्कत, या गहरा low mood रहता है
- गुटखे के साथ सिगरेट, शराब, या कोई और नशा भी है, ऐसे में एक साथ plan बनाना बेहतर है
तंबाकू छोड़ना अकेले करना ज़रूरी नहीं है। सही समय पर मदद लेना journey को आसान और तेज़ बना देता है।
जुड़े हुए लेख जो आपके काम आ सकते हैं
अगर गुटखे के साथ सिगरेट की भी आदत है, तो सिगरेट कैसे छोड़ें वाला guide पढ़िए, दोनों की जड़ nicotine पर एक जैसी है। छोड़ने के शुरुआती दिनों में अक्सर tension बढ़ती है, उसके लिए तनाव कम करने के उपाय मदद करेंगे। और अगर withdrawal में नींद उड़ जाए, तो रात को नींद नहीं आती, उपाय में practical तरीके दिए हैं।
आगे का रास्ता, आप अकेले नहीं हैं
गुटखा छोड़ना एक रात की बात नहीं, यह एक journey है जिसमें अच्छे दिन भी आते हैं और मुश्किल भी। लेकिन लाखों लोग यह कर चुके हैं, और आप भी कर सकते हैं। हर वो craving जिसे आप बिना खाए निकाल देते हैं, आपके दिमाग का पुराना pattern थोड़ा और कमज़ोर कर देती है।
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Helpline: भारत की राष्ट्रीय तंबाकू quitline पर मुफ्त मदद के लिए 1800-11-2356 पर call करें। अगर आप या कोई अपना गहरे mental distress में है, तो iCall (9152987821) या Vandrevala Foundation (1860-2662-345, 24x7) पर संपर्क करें।
यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी doctor की सलाह की जगह नहीं लेता। अपनी सेहत से जुड़े फैसलों के लिए हमेशा एक qualified doctor से सलाह लें।