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बालों में जूं का घरेलू इलाज | Baalon mein Jooh ka Gharelu Ilaj in Hindi

SuperLiving Expert Team·

बालों में जूं का घरेलू इलाज, जो सच में काम करता है

रात को अचानक सिर में तेज़ खुजली महसूस होना, बच्चे का स्कूल से आकर बार बार सिर खुजलाना, या किसी और के सिर में जूं देखकर अपने बालों को लेकर घबरा जाना, यह अनुभव बहुत सारे घरों में किसी ना किसी समय होता है। जूं होना ना कोई गंभीर बीमारी है और ना किसी बड़ी लापरवाही का नतीजा, लेकिन यह ज़िद्दी होती है और सही तरीके ना अपनाने पर बार बार लौट आती है।

इसके साथ ही तरह तरह की सलाहें भी आती हैं, कोई कहता है मिट्टी का तेल लगाओ, कोई कहता है बाल कटवा दो, तो कोई कहता है सिर्फ एक बार शैम्पू से सब ठीक हो जाएगा। इनमें से कुछ बातें बेकार हैं और कुछ सीधा नुकसान कर सकती हैं। इस guide में हम समझेंगे कि जूं असल में कैसे फैलती है, इसे पहचानने और हटाने का सही तरीका क्या है, दांडरफ से इसका फर्क क्या है, और कब घरेलू उपाय काफी नहीं होते।

जूं और डैंड्रफ में फर्क, पहले यही समझिए

बहुत लोग शुरुआत में इसे डैंड्रफ समझ लेते हैं, और यही सबसे पहली गलती होती है, क्योंकि दोनों के उपाय पूरी तरह अलग हैं।

डैंड्रफ scalp के तेल और एक natural yeast से जुड़ी समस्या है। इसमें छोटे या बड़े रूखे या चिपचिपे flakes scalp से झड़ते हैं और सिर हिलाने, कपड़े बदलने या हाथ से छूने पर आसानी से गिर जाते हैं। इसके बारे में हमारा डैंड्रफ हटाने के उपाय वाला article विस्तार से बताता है कि यह किन वजहों से होता है और इसे कैसे control किया जाता है।

जूं और लीखें इससे बिल्कुल अलग हैं। जूं खुद एक जिंदा कीड़ा है जो scalp पर रेंगता है और खून चूसकर जिंदा रहता है। लीखें उसके अंडे हैं, जो सफेद या पीले रंग के बहुत छोटे दाने जैसी दिखती हैं और बाल की जड़ के बहुत पास, अक्सर कान के पीछे और गर्दन के नीचे के बालों में चिपकी रहती हैं। यही चिपकना इनकी पहचान है, ये डैंड्रफ के flakes की तरह हल्के झटके से नहीं गिरती, बल्कि उंगलियों से खींचने पर भी बाल के साथ अटकी रहती हैं।

अगर खुजली के साथ scalp पर कुछ रेंगता महसूस हो, या बालों में ऐसे सफेद दाने दिखें जो झटकने से ना गिरें, तो यह जूं की तरफ इशारा करता है, ना कि सिर्फ रूखी scalp या डैंड्रफ की तरफ।

जूं फैलती कैसे है, यह गलतफहमी दूर करना ज़रूरी है

जूं को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि यह गंदगी से होती है। असलियत में यह पूरी तरह गलत है। जूं साफ धुले बालों में उतनी ही आराम से रहती है जितना बिना धुले बालों में, क्योंकि उसका खाना scalp का खून है, ना कि गंदगी।

जूं ना उड़ सकती है और ना कूद सकती है। यह सिर्फ रेंग सकती है, इसलिए इसके फैलने का लगभग एकमात्र तरीका है सिर का सिर से सीधा संपर्क। साथ बैठकर सेल्फी लेना, एक साथ खेलना, एक ही तकिए पर सोना, यही सबसे common वजहें हैं, खास तौर पर बच्चों में जो स्कूल और खेलते समय एक दूसरे के बहुत करीब आते हैं।

एक ही कंघी, तौलिया, टोपी, हेलमेट या हेडफोन शेयर करने से भी यह फैल सकती है, हालांकि यह सीधे सिर के संपर्क से थोड़ा कम common तरीका है। घर के पालतू जानवरों से इंसानों में जूं नहीं फैलती, यह पूरी तरह इंसान से इंसान की समस्या है।

इसे समझना क्यों ज़रूरी है, क्योंकि इसी गलतफहमी की वजह से लोग बाल धोने पर बहुत ज़ोर देते हैं जबकि असली ध्यान संपर्क कम करने और सही इलाज पर होना चाहिए।

जूं है या नहीं, पक्का पता कैसे लगाएं

अंदाज़े से इलाज शुरू करने से पहले पक्का पता लगाना बेहतर है, क्योंकि इससे समय और मेहनत दोनों बचती है।

सबसे भरोसेमंद तरीका है गीली कंघी की जांच। बालों को शैम्पू से धोकर हल्का कंडीशनर लगाइए, इससे जूं की हरकत धीमी हो जाती है और वो कंघी में आसानी से फंसते हैं। फिर बारीक दांतों वाली जूं की कंघी से scalp से शुरू करके बालों के छोर तक, हर हिस्से को बांटकर धीरे धीरे कंघी कीजिए। हर बार कंघी करने के बाद कंघी को एक सफेद टिशू या कागज़ पर पोंछ कर देखिए। अगर उस पर हिलते हुए छोटे भूरे या काले कीड़े दिखें, तो जूं की पुष्टि हो गई।

लीखों के लिए सिर की जड़ के पास के बाल, खास तौर पर कान के पीछे और गर्दन के नीचे का हिस्सा ध्यान से देखिए। सफेद या पीले दाने जो बाल पर मजबूती से चिपके हों और उंगलियों से खींचने पर आसानी से ना निकलें, वो लीख हैं।

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जूं हटाने के सही तरीके, कदम दर कदम

अब बात करते हैं उन तरीकों की जो सच में असर करते हैं, बिना scalp को नुकसान पहुंचाए।

गीली कंघी का तरीका (Wet Combing). यह सबसे सुरक्षित और सबसे भरोसेमंद तरीका है, खास तौर पर छोटे बच्चों के लिए। बालों को कंडीशनर से भिगोकर बारीक दांतों वाली जूं की कंघी से पूरे सिर को छोटे छोटे हिस्सों में बांटकर बार बार कंघी कीजिए, हर बार कंघी को टिशू पर पोंछते हुए। इसे हर तीन से चार दिन में एक बार, कम से कम दो हफ्ते तक दोहराना ज़रूरी है, क्योंकि यह अंडों को खुद नहीं मारता, बस निकल चुके जूं को हटाता है।

दवा वाला जूं शैम्पू या लोशन. ये सीधे जूं को मारने के लिए बनाए जाते हैं और असरदार होते हैं, लेकिन इनके साथ आए निर्देशों को बिल्कुल वैसा ही follow करना ज़रूरी है, ना ज़्यादा मात्रा, ना ज़्यादा देर तक लगाना। बहुत छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं या स्तनपान कराने वाली महिलाओं में इस्तेमाल से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेना बेहतर है, क्योंकि कुछ product सबके लिए सुरक्षित नहीं होते।

दोहराना, यह सबसे ज़्यादा भूली जाने वाली बात है. किसी भी तरीके से पहली बार में शायद ही सारे अंडे खत्म हों। इसलिए सात से नौ दिन बाद इलाज को दोहराना ज़रूरी है, ताकि इस बीच अंडों से निकले नए जूं भी खत्म हो जाएं। बीच के दिनों में हर दो तीन दिन में गीली कंघी से जांच करते रहना यह पक्का करता है कि नए जूं दिखते ही पकड़ में आ जाएं।

घर की सफाई का हल्का हिस्सा. पिछले दो दिनों में इस्तेमाल हुए तकिए के कवर, चादर और टोपी को गरम पानी से धो लीजिए। जो चीज़ें धोई नहीं जा सकतीं, जैसे कुछ खिलौने या तकिए, उन्हें दो दिन के लिए एक बंद प्लास्टिक बैग में रख दीजिए, इतने समय में जूं बिना खून के जिंदा नहीं रह पाती। पूरे घर को disinfect करने या हर कोने पर keede-maar spray करने की ज़रूरत नहीं है, यह ज़्यादा मेहनत के लिए बहुत कम फायदा देता है।

यह सब खुद करने की ज़रूरत नहीं है

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जो तरीके नहीं अपनाने चाहिए

कुछ पुराने और सुने-सुनाए तरीके फायदे के बजाय नुकसान करते हैं, इन्हें जानना ज़रूरी है।

मिट्टी का तेल (kerosene) या पेट्रोल लगाना. यह बहुत पुराना नुस्खा है, लेकिन ज़्यादा खतरनाक भी है। यह scalp और skin पर गहरी जलन कर सकता है, और अगर धुआं सांस के ज़रिए अंदर जाए या यह आग के पास हो, तो गंभीर हादसे का खतरा है। इसे कभी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, खास तौर पर बच्चों पर।

बहुत सारे घरेलू तेल और paste एक साथ मिलाकर लगाना. नीम का तेल, लहसुन का paste, नमक का scrub, ये सब अलग अलग तरह से scalp को irritate कर सकते हैं, खास तौर पर जब पहले से खुजली और खरोंचें मौजूद हों। कोई भी घरेलू सहारा आज़माने से पहले scalp पर घाव या तेज़ जलन ना हो, यह ज़रूर देख लीजिए।

सिर्फ एक बार इलाज करके भूल जाना. यह सबसे common गलती है। एक बार शैम्पू या तेल लगाकर लगता है समस्या खत्म हो गई, लेकिन बचे अंडों से नए जूं निकल आते हैं और परिवार सोचता रहता है कि इलाज काम नहीं कर रहा, जबकि असल में दोहराना ही भूल गए थे।

बाल पूरी तरह कटवा देना. यह ज़रूरी नहीं है और ज़्यादातर मामलों में एक जल्दबाज़ी वाला फैसला होता है। सही तरीके से गीली कंघी और इलाज को दोहराने से बिना बाल कटवाए भी जूं पूरी तरह हट जाती है।

परिवार में फैलने से कैसे रोकें

जिस दिन किसी एक सदस्य में जूं मिले, उसी हफ्ते घर के बाकी सदस्यों की, खास तौर पर जो साथ सोते हैं या रोज़ करीब से मिलते हैं, गीली कंघी से जांच कर लीजिए। जिसमें जूं मिले सिर्फ उसी का इलाज करें, बिना वजह सबको दवा या तेल लगाना ना ज़रूरी है और ना फायदेमंद।

इलाज पूरा होने तक बालों को बांधकर या चोटी करके रखना सीधे सिर के संपर्क का खतरा कम करता है। अपनी कंघी, तौलिया, तकिया और टोपी अलग रखें, और स्कूल या playgroup में अगर किसी और बच्चे में जूं की खबर मिले, तो अपने बच्चे की भी जल्दी जांच कर लेना बेहतर है, इंतज़ार करने से मामला बड़ा हो सकता है।

scalp पर खरोंच और जलन का ध्यान रखें

लगातार खुजली से scalp पर छोटी छोटी खरोंचें बन सकती हैं, और इनमें कभी कभी हल्का संक्रमण भी हो सकता है। इसलिए इलाज के साथ साथ scalp को ज़्यादा नाखूनों से रगड़ने से बचिए। यह उसी तरह का असर है जो लगातार खुजलाने से डैंड्रफ में भी होता है, scalp कोई भी वजह से चिड़चिड़ी हो तो उसे आराम से ठीक होने का समय देना ज़रूरी है। अगर बालों की मोटाई और मज़बूती को लेकर भी चिंता है, तो बालों को घना कैसे करें वाला article scalp और बालों की overall सेहत को समझने में मदद करेगा।

कब doctor से मिलना ज़रूरी है

अगर दो पूरे इलाज-चक्र (हर एक में दोहराव शामिल) के बाद भी जूं या लीखें बनी रहें, अगर scalp पर लाल सूजन, पस या तेज़ दर्द वाले घाव दिखें, अगर खुजली के साथ बुखार भी हो, या अगर इलाज में इस्तेमाल हुए product से त्वचा पर तेज़ जलन या rash हो जाए, तो घरेलू उपायों में और समय ना लगाएं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर या फार्मासिस्ट सही product और अगला कदम बता सकते हैं, जो अंदाज़े से आज़माए गए तरीकों से ज़्यादा भरोसेमंद होगा।

मिलाकर बात यह है

बालों में जूं होना ना शर्म की बात है और ना कोई गंभीर समस्या, यह बस ज़िद्दी होती है और सही तरीके से निपटने पर मांगती है। पक्की पहचान गीली कंघी से करें, इलाज को कम से कम दो बार दोहराएं, बीच में नियमित जांच करते रहें, और मिट्टी के तेल जैसे खतरनाक नुस्खों से पूरी तरह दूर रहें।

मुश्किल हिस्सा उपाय जानना नहीं है, मुश्किल हिस्सा है हफ्तों तक नियमित रहना। SuperLiving पर 20+ कोच हिंदी और हिंग्लिश में आपकी दिनचर्या के हिसाब से scalp की सफाई और सेहत की छोटी आदतों को याद रखने में साथ देते हैं, ताकि यह एक बार की मेहनत नहीं, टिकाऊ आदत बने.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जूं क्या होती है और यह कहां से आती है? जूं एक बहुत छोटा कीड़ा है जो सीधे scalp पर रहता है और वहीं से खून चूसकर जिंदा रहता है। यह ना उड़ सकती है और ना कूद सकती है, यह सिर्फ बाल से बाल की तरफ रेंगकर फैलती है। इसीलिए यह लगभग हमेशा किसी दूसरे इंसान के सिर के सीधे संपर्क में आने से फैलती है। यह गंदगी से नहीं होती, साफ बालों में भी उतनी ही आसानी से रहती है जितना गंदे बालों में।

यह पक्का कैसे पता चले कि जूं है, सिर्फ खुजली किसी और वजह से नहीं? सबसे भरोसेमंद तरीका है बालों को गीला करके, कंडीशनर लगाकर बारीक दांतों वाली जूं की कंघी से हर हिस्से में धीरे धीरे कंघी करना और हर बार कंघी को सफेद टिशू पर पोंछकर देखना। लीखें सफेद या पीले रंग के छोटे दाने होते हैं जो बाल की जड़ के पास चिपके रहते हैं और डैंड्रफ की तरह हाथ से झटकने पर नहीं गिरते।

क्या एक बार जूं के तेल या शैम्पू से पूरी तरह ठीक हो जाएगा? अकेला एक इलाज शायद ही कभी पूरी तरह काम करता है, क्योंकि कुछ लीखों में से नए जूं निकलने में सात से दस दिन लगते हैं। किसी भी तरीके को कम से कम दो बार, सात से नौ दिन के अंतर पर दोहराना ज़रूरी है, ताकि पहले दौर में बचे अंडों से निकले नए जूं दूसरे दौर में खत्म हो सकें।

क्या जूं बालों की जड़ को कमज़ोर करती है या बाल झड़ने का कारण बनती है? जूं सीधे तौर पर बाल की जड़ को खत्म नहीं करती और आम तौर पर बाल झड़ने की सीधी वजह नहीं बनती। लेकिन लगातार खुजली और बार बार सिर खुजलाने से scalp पर छोटी खरोंचें बन सकती हैं, जिससे जलन हो सकती है और ऐसी सूजी हुई scalp बालों के लिए अच्छा माहौल नहीं होती।

घर के दूसरे सदस्यों को कब जांचना चाहिए और उनके फैलने से कैसे बचें? जिस दिन घर में किसी एक को जूं मिले, उसी हफ्ते बाकी सभी सदस्यों की गीली कंघी से जांच कर लेनी चाहिए। जिसमें जूं मिले, उसका ही इलाज करें। फैलने से बचने के लिए तकिए के कवर, टोपी, तौलिया और कंघी अलग रखें और गरम पानी से धो लें, और जब तक इलाज पूरा ना हो जाए, बाल बांधकर रखना बेहतर है।

स्कूल जाने वाले बच्चे कब तक स्कूल जा सकते हैं और कब रुकना चाहिए? जूं होने पर बच्चे को स्कूल से रोकना ज़रूरी नहीं समझा जाता, क्योंकि यह ना कोई गंभीर बीमारी है और ना किसी बड़े संक्रमण का खतरा। ज़्यादातर स्कूल सिर्फ यह सलाह देते हैं कि इलाज उसी दिन शुरू कर दिया जाए और बाल बांधकर भेजा जाए ताकि सीधा सिर से सिर का संपर्क कम हो।

SuperLiving जीवनशैली और वेलनेस सहायता देता है और यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। अगर scalp पर लाल सूजन, पस, तेज़ दर्द वाले घाव, बुखार, या इलाज के बाद भी दो पूरे चक्र में जूं ना जाए, तो कृपया योग्य डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें। कोई भी दवा वाला जूं शैम्पू या लोशन बहुत छोटे बच्चों, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं में इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जूं क्या होती है और यह कहां से आती है?+

जूं एक बहुत छोटा कीड़ा है जो सीधे scalp पर रहता है और वहीं से खून चूसकर जिंदा रहता है। यह ना उड़ सकती है और ना कूद सकती है, यह सिर्फ बाल से बाल की तरफ रेंगकर फैलती है। इसीलिए यह लगभग हमेशा किसी दूसरे इंसान के सिर के सीधे संपर्क में आने से फैलती है, जैसे साथ बैठकर सेल्फी लेना, एक ही तकिए पर सोना, या एक ही कंघी और तौलिया इस्तेमाल करना। यह गंदगी से नहीं होती, साफ बालों में भी उतनी ही आसानी से रहती है जितना गंदे बालों में, इसलिए इसे लेकर शर्म महसूस करने की कोई ज़रूरत नहीं है।

यह पक्का कैसे पता चले कि जूं है, सिर्फ खुजली किसी और वजह से नहीं?+

सबसे भरोसेमंद तरीका है बालों को गीला करके, कंडीशनर लगाकर बारीक दांतों वाली जूं की कंघी से हर हिस्से में धीरे धीरे कंघी करना और हर बार कंघी को सफेद टिशू या कागज़ पर पोंछकर देखना। अगर उस पर छोटे भूरे या काले कीड़े दिखें जो हिलते हैं, तो यह जूं है। इसके अलावा लीखें भी एक संकेत हैं, ये सफेद या पीले रंग के छोटे दाने होते हैं जो बाल की जड़ के पास चिपके रहते हैं और डैंड्रफ की तरह हाथ से झटकने पर नहीं गिरते, यह फर्क डैंड्रफ और लीख को पहचानने का सबसे आसान तरीका है। सिर्फ खुजली होना काफी सबूत नहीं है क्योंकि खुजली की और भी कई वजहें हो सकती हैं।

क्या एक बार जूं के तेल या शैम्पू से पूरी तरह ठीक हो जाएगा?+

अकेला एक इलाज शायद ही कभी पूरी तरह काम करता है, क्योंकि ज़्यादातर तरीके जूं को तो मार देते हैं पर लीखों को नहीं, और कुछ लीखों में से नए जूं निकलने में सात से दस दिन लगते हैं। इसीलिए किसी भी तरीके को कम से कम दो बार, सात से नौ दिन के अंतर पर दोहराना ज़रूरी है, ताकि पहले दौर में बचे अंडों से निकले नए जूं दूसरे दौर में खत्म हो सकें। बीच में हर दिन गीली कंघी से जांच करना भी उतना ही ज़रूरी हिस्सा है जितना इलाज खुद।

क्या जूं बालों की जड़ को कमज़ोर करती है या बाल झड़ने का कारण बनती है?+

जूं सीधे तौर पर बाल की जड़ को खत्म नहीं करती और आम तौर पर बाल झड़ने की सीधी वजह नहीं बनती। लेकिन लगातार खुजली और बार बार सिर खुजलाने से scalp पर छोटी खरोंचें बन सकती हैं, जिससे जलन और कभी कभी हल्का संक्रमण हो सकता है, और ऐसी सूजी हुई scalp बालों के लिए अच्छा माहौल नहीं होती। यह डैंड्रफ के साथ भी होता है, इसलिए scalp की सेहत को हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर scalp में लगातार जलन या घाव बन रहे हों, तो सिर्फ जूं के इलाज पर रुकने के बजाय scalp की देखभाल पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।

घर के दूसरे सदस्यों को कब जांचना चाहिए और उनके फैलने से कैसे बचें?+

जिस दिन घर में किसी एक को जूं मिले, उसी हफ्ते बाकी सभी सदस्यों की गीली कंघी से जांच कर लेनी चाहिए, खास तौर पर जो साथ में सोते हैं या रोज़ करीब से मिलते हैं। जिसमें जूं मिले, उसका ही इलाज करें, बिना वजह पूरे परिवार को दवा या तेल लगाना ज़रूरी नहीं। फैलने से बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति के तकिए के कवर, टोपी, तौलिया और कंघी अलग रखें और गरम पानी से धो लें, और जब तक इलाज पूरा ना हो जाए, बाल बांधकर रखना फैलने का खतरा कम करता है।

स्कूल जाने वाले बच्चे कब तक स्कूल जा सकते हैं और कब रुकना चाहिए?+

जूं होने पर बच्चे को स्कूल से रोकना ज़रूरी नहीं समझा जाता, क्योंकि यह ना कोई गंभीर बीमारी है और ना किसी बड़े संक्रमण का खतरा। ज़्यादातर स्कूल सिर्फ यह सलाह देते हैं कि इलाज उसी दिन शुरू कर दिया जाए और बाल बांधकर भेजा जाए ताकि सीधा सिर से सिर का संपर्क कम हो। हालांकि अगर स्कूल की अपनी कोई खास policy है, तो उसका पालन करना बेहतर रहेगा। असली ज़रूरत यह है कि इलाज में देर ना हो, क्योंकि जितनी देर होगी उतना फैलने का मौका बढ़ेगा।

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