शाकाहारी हैं, तो प्रोटीन की चिंता छोड़ दीजिए
अगर आप शाकाहारी हैं और अक्सर सुनते आए हैं कि "प्रोटीन तो सिर्फ अंडे और चिकन में होता है", तो एक बात साफ कर लीजिए: यह आधा सच है, और आधा सच सबसे बड़ी गलतफहमी होती है। भारतीय शाकाहारी थाली प्रोटीन के मामले में सोच से कहीं ज़्यादा अमीर है। दिक्कत प्रोटीन की कमी नहीं, उसे सही तरीके से न जोड़ने की है।
बहुत से लोग दिनभर में रोटी, चावल, आलू और चाय पर टिके रहते हैं और फिर हैरान होते हैं कि थकान क्यों रहती है, मांसपेशियाँ क्यों नहीं बनतीं, और भूख जल्दी क्यों लग जाती है। इसका बड़ा कारण अक्सर प्रोटीन का कम होना है। अच्छी बात यह है कि इसे ठीक करने के लिए आपको महंगे विदेशी फूड या डिब्बे वाले पाउडर की ज़रूरत नहीं। जो चीज़ें आपकी रसोई में पहले से हैं, वही काफी हैं।
इस गाइड में हम आसान भाषा में देखेंगे कि प्रोटीन शरीर के लिए क्यों ज़रूरी है, एक शाकाहारी इंसान को कितना प्रोटीन चाहिए, कौन से देसी स्रोत सबसे अच्छे हैं, और उन्हें रोज़ की थाली में बिना झंझट कैसे जोड़ें।
ज़रूरी बात: यह गाइड सामान्य सेहतमंद वयस्कों के लिए है। अगर आपको किडनी की कोई समस्या, कोई पुरानी बीमारी, या फूड एलर्जी है, तो अपना प्रोटीन बढ़ाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह ज़रूर लें।
प्रोटीन शरीर के लिए इतना ज़रूरी क्यों है
प्रोटीन को अक्सर शरीर का "बिल्डिंग ब्लॉक" कहा जाता है, और यह बात सही है। हमारी मांसपेशियाँ, बाल, नाखून, त्वचा, हार्मोन और शरीर की मरम्मत का ज़्यादातर काम प्रोटीन के भरोसे चलता है। जब खाने में प्रोटीन कम होता है, तो शरीर धीरे-धीरे कमज़ोर महसूस करने लगता है।
प्रोटीन का एक और बड़ा फायदा है कि यह पेट को देर तक भरा रखता है। जिस मील में अच्छा प्रोटीन होता है, उसके बाद जल्दी भूख नहीं लगती। यही कारण है कि वजन कंट्रोल करने वालों के लिए भी प्रोटीन बेहद काम की चीज़ है। यह क्रेविंग कम करता है और बार-बार कुछ चटपटा खाने की आदत पर लगाम लगाता है।
जो लोग एक्सरसाइज करते हैं या उम्र के साथ मांसपेशियाँ बचाए रखना चाहते हैं, उनके लिए प्रोटीन और भी अहम हो जाता है। मांसपेशी सिर्फ ताकत की बात नहीं है, यह पूरी उम्र चलने-फिरने, सीढ़ियाँ चढ़ने और सक्रिय रहने की नींव है।
एक दिन में कितना प्रोटीन चाहिए
यह सबसे आम सवाल है, और इसका जवाब हर इंसान के लिए थोड़ा अलग होता है। एक आम अंदाज़े के तौर पर कई विशेषज्ञ शरीर के हर एक किलो वजन पर लगभग 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन की बात करते हैं।
इसे आसान बनाते हैं। अगर आपका वजन 60 किलो है, तो आपकी रोज़ की प्रोटीन ज़रूरत तकरीबन 48 से 60 ग्राम के बीच बैठती है। 70 किलो वाले के लिए यह करीब 56 से 70 ग्राम हो जाती है। जो लोग नियमित वेट ट्रेनिंग या भारी शारीरिक काम करते हैं, उनकी ज़रूरत इससे कुछ ज़्यादा हो सकती है।
असली चुनौती यह नहीं कि आँकड़ा क्या है, बल्कि यह कि इस मात्रा को पूरे दिन में बाँटा कैसे जाए। एक ही मील में सारा प्रोटीन ठूँसने से बेहतर है कि नाश्ते, दोपहर और रात, तीनों में थोड़ा-थोड़ा प्रोटीन रखा जाए। इससे शरीर उसे बेहतर इस्तेमाल करता है और भूख भी दिनभर काबू में रहती है।